अंधविश्वास या विज्ञान: गर्भवती स्त्री को मृत व्यक्ति का मुंह नहीं देखना चाहिए

हमारे यहां बच्चे के जन्म के पूर्व की भी अनेक परंपराएं प्रचलित हैं, जिनका पालन हर गर्भवती महिला को करना होता है। उदाहरण के लिए गर्भवती महिला को नाव से नदी पार नहीं कराने की सलाह दी जाती है।
इसी तरह गर्भवती महिला को मृतव्यक्ति के पास नहीं जाने या उसे नहीं देखने की सलाह दी जाता है। कई लोग इस परंपरा का पालन नहीं करते हैं क्योंकि वे इसे सिर्फ अंधविश्वास मानते हैं। हालांकि, इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं।
इसका मुख्य कारण यह है कि जिस घर में किसी की मृत्यु होती है, वहां दुख का वातावरण होता है। ऐसे में जब कोई गर्भवती महिला उस जगह में जाती है, तो उस पर भी इस माहौल का असर पड़ता है। महिला के दुखी होने उसके शरीर में निकलने वाले हार्मोन्स प्रभावित होते हैं, जिससे गर्भ में पल रहा बच्चा भी उस दुख का अनुभव करता है।
नतीजतन बच्चे के जन्म पर इस तरह की घटना का काफी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके अलावा इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि मृत व्यक्ति के शरीर में कई तरह के बैक्टिरिया होते हैं, जो संक्रमण फैलाते हैं।
गर्भवती महिला शारीरिक रूप से अधिक मजबूत नहीं होती हैं इसलिए मृत शरीर से निकलने वाले बैक्टिरिया उसे और उसके गर्भस्त शिशु को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए गर्भवती महिला को मृत व्यक्ति का मुंह नहीं देखने दिया जाता या उस घर में नहीं जाने दिया जाता जहां किसी की मौत हुई हो।