BREAKING NEWS
Search

अपने आसपास से सीखना रखें जारी

फैशन की दुनिया की उभरती शख्सीयत मसाबा गुप्ता ने कम उम्र में वह पाया है, जो एक लंबे तजुर्बे के बाद ही मुमकिन होता है। आज उनके डिजाइन किए परिधान देश-विदेश में अपना जलवा बिखेर रहे हैं। वे कहती हैं कि फैशन का अपना कोई बना-बनाया कायदा नहीं होता और न ही होना चाहिए। मैं अपने आसपास से डिजाइन के लिए विषय चुनती हूं। मैं सोचती हूं कि लोग क्या चाहते हैं और यही मेरे डिजाइन के लिए काफी है। आज उनकी सौंदर्य प्रसाधन से जुड़ी बड़ी कंपनियों जैसे क्लिनिक और टाटा नेनो सरीखे ब्रांड्स के साथ व्यापारिक साझेदारियां हैं। वे इंस्टाग्राम फैशन शो करने वाली पहली डिजाइनर हैं। इसके अलावा मेबेलाइन जैसे अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड्स उनके शोज को प्रायोजित कर रहे हैं।
कैसे आईं फैशन इंडस्ट्री में
मशहूर क्रिकेटर विवियन रिचड्र्स और भारतीय फिल्म अभिनेत्री नीना गुप्ता की संतान होने की सहूलियत उनके पास है। पर उन्होंने स्थितियों को सहजता से लिया। बचपन से पिता के साथ विश्व में जहां-जहां घूमीं, वहां की संस्कृति और जीवन को खुद में रचा-बसा लिया। गायिका बनने की ख्वाहिश में लंदन संगीत सीखने गईं। संगीत जमा नहीं तो भारत आकर मुम्बई के एक फैशन कॉलेज में प्रवेश लिया। फैशन की औपचारिक पढ़ाई में लगी रहीं। कॉलेज के दूसरे साल में उन्हें अपने डिजाइन किए परिधानों को प्रदर्शित करने का मौका मिला। वहां उनके डिजाइन किए परिधानों पर मशहूर फैशन डिजाइनर वेन्डेल रॉड्रिक्स की नजर गई। उन्होंने पाया कि मसाबा के डिजाइन किए परिधान में एक खास विशेषता है। उनके डिजाइन बाकी छात्रों की तरह कला के नमूने नहीं थे। उनके परिधानों में व्यावहारिक और सांस्कृतिक समझ का पुट होता है, जो उनकी खास पहचान भी है।
मसाबा ने उनके मार्गदर्शन में साल 2009 में लेक्मे फैशन वीक से फैशन की पेशेवर दुनिया में कदम रखा। यहां से उन्होंने किसी बड़े डिजाइनर के साथ इंटर्नशिप करने के बजाय अपनी खुद की पहचान बनाना चुना।
क्या है गुरुमंत्र
– हमारा आसपास का माहौल हमें बहुत कुछ सिखाता है, बशर्ते आप अपना मौलिक स्वभाव बनाए रखें।
– मौजूद स्थितियों को सहजता से लें, तभी आप उन स्थितियों में आगे बढऩे का अवसर देख पाएंगे।