अब आया लिप पासवर्ड

बायोमेट्रिक डाटा जैसे फिंगरप्रिंट का उपयोग मोबाइल को अनलॉक करने और इमिग्रेशन और कस्टम्स काउंटर पर पहचान सत्यापित करने के लिए दुनिया भर में उपयोग किया जाता है। इसके व्यापक एप्लीकेशन के बावजूद, कोई भी फिंगरप्रिंट का स्कैन बदल नहीं सकता। एक बार स्कैन चुरा लिया जाए या हैक कर लिया जाए, तो इसके ओनर खुद के फिंगरप्रिंट्स नहीं बदल सकते और अन्य सिक्योरिटी सिस्टम पर जाना होगा। यह देखते हुए, एचकेबीयू के जानकारों ने एक नई तकनीक ईजाद की है जिसे ‘लिप मोशन पासवर्डÓ कहते हैं। यह सिस्टम किसी व्यक्ति के लिप मोशंस का उपयोग कर पासवर्ड तैयार करता हैं।
यह सिस्टम लिप मूवमेंट के साथ पासवर्ड कंटेंट को मैच कर व्यक्ति की पहचान सत्यापित करता है। कोई भी पासवर्ड बोलते हुए यूजर का लिप मूवमेंट मिमिक नहीं कर सकता है जो कि कभी भी बदला जा सकता है। इस नई टेक्नोलॉजी दुनिया में पहली है और 2015 में यूएस पेटेंट हासिल हुआ था।
शोध के प्रभारी एचकेबीयू के कम्प्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर चेंग यी-मिंग ने कहा कि नई तकनीक पारंपरिक सिक्योरिटी एक्सेस कंट्रोल मैथड्स की तुलना में कई फायदे हैं।