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अब स्टेम सेल प्रत्यारोपण से होगा फेफड़े के मरीजों का इलाज

चीन के वैज्ञानिकों ने मूल कोशिका प्रत्यारोपण (स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन) के जरिये एक मरीज के क्षतिग्रस्त फेफड़े को दुरूस्त किया है। चिकित्सा के क्षेत्र में इसे एक महत्वपूर्ण खोज के रूप में देखा जा रहा है, जिससे फेफड़े की गंभीर बीमारी का इलाज संभव हो पाएगा। प्रत्यारोपण के इस आरंभिक नैदानिक परीक्षण में तोंगजी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने मरीज के श्वासनली से मूल कोशिकाएं निकालीं और उनमें कई गुना वृद्धि होने दिया। उसके बाद कोशिकाओं को मरीज के फेफड़ों में प्रत्यारोपित किया।
इससे पहले, चूहों में यह मूल कोशिका प्रत्यारोपण सफल रहा था। चूहों के फेफड़ों में मानव की श्वासनली व वायुकोश की कोशिकाओं में पुनरुत्थान देखा गया। धमनी रक्त गैस विश्लेषण में पाया गया कि चूहों के फेफड़े की गतिविधियों में जबरदस्त सुधार था। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वेई जुओ ने कहा, ‘हृदय और कैंसर की बीमारी के बाद तीसरा रोग, जिससे दुनिया में सबसे ज्यादा लोगों की मौत होती है व फेफड़े की बीमारी है। इसके मरीजों के लिए यह सबसे बड़ी उम्मीद जगी है कि ब्रोंकिएटिस और इंटस्र्टिटियल लंग डिजीज का इलाज मूल कोशिका प्रत्यारोपण से हो सकता है।Ó
कैंसर का खतरा कम करने वाले आहार
स्ट्रॉबेरी का मीठा और रसीला फल कई बीमारियों की स्वादिष्ट दवा भी होता है। स्टॉबेरी विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में होता है। इसे खाने से न सिर्फ ब्लड प्रेशर कम करने में मदद मिलती है, बल्कि इम्यून सिस्टम भी मजबूत बनता है। इसमें मौजूद फिनॉल्स की पर्याप्त मात्रा इसे एंटी-ऑक्सिडेंट और एंटी-इन्फ्लामेट्री गुणों से भरपूर बनाती है। जिस कारण यह एक एंटी-कैंसर एजेंट की तरह भी काम करती है।
अदरक में पाये जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट्स कैंसर के सेल्स से लडऩे में मदद करते हैं। नियमित रूप से अदरक खाने से कैंसर होने की संभावना काफी हद तक कम होती है। इसके अलावा अदरक कोलेस्ट्राल का स्तर भी कम करता है। यह खून का थक्का जमने से रोकता है। इसमें एंटी फंगल और कैंसर के प्रति प्रतिरोधी गुण भी पाए जाते हैं।
मशरूम एक पोष्टिक व स्वादिष्ट सब्जी है। इसका सेवन कैंसर से बचाता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत करता है। मशरूम में बीटा-ग्लूकण पाया जाता है, साथ ही इसमें लेक्टिन नामक प्रोटीन भी होता है। लेक्टिन कैंसर कोशिकाओं पर हमला करता है और उन्हें बढऩे से रोकता है। मशरूम शरीर में इंटरफेरॉन के उत्पादन को प्रोत्साहित कर सकते हैं।
लाल टमाटर खाने का स्वाद तो बढ़ाते ही हैं साथ ही साथ ये आपके शरीर को कई खतरनाक बीमारियों से बचाने में भी मदद करते हैं। लाल टमाटर में लिकोपिन नाम का रसायन होता है। यह फिटोकेमिकल टमाटर को कैंसर से लडऩे का एक कारगर हथियार बनाने में मदद करता है। इसमें स्तन कैंसर, फेफड़े का कैंसर और अन्य कई कैंसर भी शामिल हैं।
ब्रोकली कैंसर से बचाने में आपकी मदद करती है। ब्रोकली में फिटाकेमिकल्स अधिक मात्रा में होते हैं। जब आप इसे चबाते हैं तो ये एंजाइम्स आपके सिस्टम का हिस्सा बन जाते हैं। ये हर्मोन कैंसर से बचाने में काफी मददगार माने जाते हैं। हालांकि मानव शरीर कुदरती रूप से भी इन हॉर्मोंस का निर्माण करता है, लेकिन जब ब्रोकली इनका स्राव करती है, तभी वे भी सक्रिय हो जाते हैं। कई शोध इस बात को साबित कर चुके हैं कि ब्रोकली शरीर में कैंसर कोशिकाओं का निर्माण होने से रोकती है। ब्रोकली में मौजूद तत्व शरीर को डिटॉक्सीफाई होने में मदद करते हैं। इससे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इससे हम बुरे बैक्टीरिया से बचे रहते हैं।