अरारोट

अरारोट एक प्रकार का स्टार्च या मांड है जो एरोरूट प्लांट की जड़ों से प्राप्त होता है। अरारोट दिखने में सफेद रंग का पाउडर होता है। अरारोट ग्लूटेन फ्री होता है। ऐसे में यह उन लोगों के लिए बहुत फ़ायदेमंद रहता है जिन्हें ग्लूटेन से एलर्जी होती है।
अरारोट को अन्य भाषाओं में निम्न नामों से जाना जाता है हिन्दी में अरारोट, अरारूट, बिलायती तीखुर, मराठी में आरारूट, बंगला में ओरारूट, तवक्षीर, गुजराती में तवखार, अरारोट, अंग्रेज़ी में रोरूट। वेस्ट इण्डियन इसे रोरूट कहते हैं।
अरारोट कैसे प्राप्त होता है: पौधे की जड़ को निकालकर उसे अच्छे से साफ करके उसका छिलका निकाल दिया जाता है। फिर इसे अच्छे से पीसकर लुगदी बना ली जाती है। इस लुगदी को अच्छी तरह धोया जाता है, जिससे जड़ का रेशेदार भाग अलग हो जाता है। यह फेंक दिया जाता है और बचे हुए दूधिया भाग को छान लेते हैं जिससे अरारूट स्टार्च प्राप्त होता है।
अरारोट का रख रखाव:
– अरारोट को एयर टाइट कंटेनर में भरकर रखें।
– अरारोट में किसी भी प्रकार की नमी न जाने दें।
– नमी के संपर्क में आने पर यह खराब हो जाता है।
– जब भी इसे उपयोग में लाएं तो साफ सफाई का ध्यान रखें।
– जिस भी कंटेनर में इसे रखा गया हो उसे साफ सूखे हाथों से ही खोलें और इसे निकालने के लिए साफ सूखे चम्मच का ही उपयोग करें।
अरारोट खरीदते समय सावधानियां
अरारूट को बाजार से खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखें। क्योंकि अरारोट में भी बहुत सी चीजों की मिलावट की जाती है। अरारोट के नाम पर आलू, चावल, साबूदाना या ऐसी ही अन्य वस्तुओं को महीन पीसकर नकली अरारोट भी बेचा जाता है। बाजार में बिकने वाले से बहुत से पदार्थ हैं जो कृत्रिम होते हैं या उनमें अनेक प्रकार की मिलावट की जाती है इसलिए जब भी अरारोट खरीदें तो विश्वसनिय ब्रांड और जहां से खरीद रहे हों वह गुणवत्ता युक्त हो। कृत्रिम या मिलावटी अरारूट की जांच सूक्ष्मदर्शी द्वारा निरीक्षण करके ही जानी जा सकती है।
अरारोट कहां से मिलेगा: अरारोट किसी भी स्थानीय, किराना स्टोर या किसी बड़े ग्रोसरी स्टोर से भी प्राप्त कर सकते हैं। आप इसे ऑनलाइन भी खऱीद सकते हैं।
अरारोट का रेसिपी में उपयोग: अरारोट को रेसिपी में मुख्य रूप से बाइंडिंग या गाढा़ करने के लिए उपयोग किया जाता है। जैसे कि अगर हम कोफ्ते बना रहे हों तो उनमें अरारोट मिला देने से वो टूटते नहीं हैं, अच्छे से बंध कर तैयार होते हैं और आसानी से तले जा सकते हैं। साथ ही इसे मिठाई बनाने के लिए भी उपयोग किया जाता है। इसे गुलाब जामुन, छैना बनाने में उपयोग करते हैं। अरारोट को ग्रेवी, सॉस इत्यादि को गाढ़ा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसे मन्चूरियन की ग्रेवी में बहुतायत में यूज करते हैं।
अरारोट का विकल्प: अगर अरारोट न मिले तो इसकी जगह कॉर्न स्टार्च का उपयोग भी किया जा सकता है। यह उसके लिए एक अच्छा विकल्प होता है। साथ ही मैदा को भी कई चीजों में अरारोट के बदले उपयोग में लाया जा सकता है।