आने वाली मुसीबत का संकेत देती है तुलसी का पौधा

तुलसी ऐसा पौधा है जिसे संपूर्ण धरा के लिए वरदान माना जाता है। मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक यह काम आती है। तुलसी की जड़, पत्ती, मंजरी, डाली सभी कुछ मनुष्य के लिए उपयोगी है। तुलसी के घर-आंगन में होने से कई प्रकार के वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं।
घर में तुलसी की उपस्थिति को वैद्य के समान माना जाता है। यह ऐसा पौधा है जो पहले ही बता देता है कि घर या परिवार में कोई मुसीबत तो आने वाली नहीं। जिस घर में विपदा आने वाली होती है, उस घर से सबसे पहले तुलसी चली जाती है। अशांति या क्लेश जहां होता है वहां तुलसी का वास नहीं होता है। अगर घर में कलह रहती है तो तुलसी का गमला रसोई के पास रख दें। कोई भी शुभ कार्य करते समय तुलसी की पत्ती मुंह में डाल लेना चाहिए। सूखे हुए तुलसी के पौधे को घर में नहीं रखना चाहिए, इसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए।
माना जाता है कि जिस आंगन में तुलसी होती है वहां कभी अकाल मृत्यु या शोक नहीं होता है। तुलसी के नियमित सेवन से आयु में वृद्धि होती है। तुलसी के पत्तों का सेवन करते समय इन्हें बिना चबाए निगलना चाहिए। तुलसी की एक पत्ती का प्रतिदिन सेवन करने से सामान्य बुखार से बचाव होता है। पूजा में बासी फूल और बासी जल वर्जित हैं, परंतु तुलसी और गंगाजल बासी होने पर भी वर्जित नहीं हैं। शिव पूजन और गणेश पूजन में तुलसी का प्रयोग वर्जित है।