आयुष्मान भारत योजना पर पांच प्रदेशों ने किया करार, पंजाब का इन्कार

शिमला। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा से जुड़ी आयुष्मान भारत योजना जल्द धरातल पर उतरेगी। इसको लागू करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की मौजूदगी में सोमवार को शिमला में चार राज्यों व एक केंद्र शासित प्रदेश ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जबकि पंजाब ने हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया। इस योजना से देश के 10 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे, जबकि हिमाचल के 15.30 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिलेगा। सोमवार को चार राज्यों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तराखंड व केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्मा मोहिंद्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया। उनका कहना था कि पंजाब सरकार पहले से इस प्रकार के कार्यक्रम राज्य में चला रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार ऐसे कार्यक्रमों में पंजाब को 60:40 के अनुपात में पैसा दे रही है जो कि उचित नहीं है। उन्होंने मंच से पंजाब सरकार की बात रखी और बिना हस्ताक्षर किए लौट गए। उनका कहना था कि इस प्रकार से भेदभावपूर्ण तरीके से वित्तीय मदद उचित नहीं है। पंजाब सरकार इस वित्तीय मदद से संतुष्ट नहीं है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है। इसके तहत समाज के गरीब वर्गों को पांच लाख रुपये तक का चिकित्सा उपचार नि:शुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। लोगों को उनके घरों के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए देशभर में 20 एम्स खोले जा रहे हैं। देश के 1.50 लाख स्वास्थ्य उप केंद्रों को बीमारियों की शीघ्र पहचान के लिए वैलनेस केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे लोगों को पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क स्वास्थ्य उपचार मिलेगा। इसे लागू करने के लिए देशभर में इस प्रकार की पांच कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।