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इंटरव्यू-सांध्य बॉर्डर टाइम्स से खास मुलाकात में बोले टीवी स्टार अनस रशीद

– मैं जैसा दिखता हूं वैसा ही हूं
श्रीगंगानगर (एसबीटी न्यूज)। अनस रशीद एक बेहतरीन एक्टर। अपना रेस्टारेंट चलाने वाले अनस ने एक्टिंग की बदौलत वह मुकाम पाया है, जो किसी भी एक्टर का सपना होता है। सीरियल ‘कहीं तो होगा’ में सपोर्टिंग रोल से शुरुआत करने वाले रशीद ने ‘धरती का वीर योद्धा पृथ्वीराजÓ, ‘ऐसे करो ना विदाÓ सीरियल मेें लीड रोल निभाया लेकिन उन्हें खास पहचान मिली स्टार प्लस के सीरियल ‘दीया और बाती हमÓ से। इस सीरियल में सूरज राठी का किरदार निभाकर वे हर घर की पसंद बन गए हैं। आज अनस रशीद श्रीगंगानगर में थे। वे खास तौर पर सांध्य बॉर्डर टाइम्स के कार्यालय आए और अपने प्यारे दर्शकों के लिए इंटरव्यू दिया। अनस कहते हैं, मैं जैसा दिखता हूं वैसा ही हूं। पेश हैं खास अंश:
टीवी सीरियल के अपने किरदार सूरज राठी के मुकाबले रियल लाइफ में आप कैसे हंै?
– कोई फर्क नहीं। जैसा ‘दीया और बाती हमÓ में नजर आता हूं, रियल लाइफ मेें भी ठीक वैसा ही हूं मैं। सूरज की तरह की शर्मीला हूं। फैमिली के साथ रहना पसंद करता हूं। फैमिली ही मेरे लिए सब कुछ है। सीरियल में सूरज पत्नी को सपोर्ट करता है, मैं भी पत्नी को सपोर्ट करता हूं। मैं उन्हें बताता हूं खाना कैसे बनाते हैं। शादी से पहले अम्मी का काम में हाथ बंटाता रहा हूं। मैं भीतर से वैसा हूं, जैसा आप टीवी पर सूरज को देखते हैं। जब सीरियल करने लगा तो कभी महसूस ही नहीं हुआ कि कुछ अलग हो रहा है। जो चीज भीतर थी, वही बाहर आ गई।
चार महीने पहले आपसे चौदह साल छोटी हिना से आपकी शादी खूब चर्चा में रही। कैसी है हिना के साथ आपकी मेरिड लाइफ?
-लगता है एक बच्चे को गोद ले लिया है मैंने। कभी देर रात को कहती है आइसक्रीम खाना है। कभी कहती है कुछ खाने का मन नहीं है। कभी कह देती है बर्गर ही खाना है। उसने मेरी लाइफ को खूब रंगीन बन दिया है। बड़ा अच्छा लगता है। वह काफी संजीदा, समझदार और संवेदनशील लड़की है।
शादी से आपके एक बयान को महिला विरोधी माना गया। आपने कहा था हिना अगर इंडस्ट्रीज में काम करेगी तो घर का काम कौन करेगा। क्या कहेंगे आप?
-देखिए, हमारी इंडस्ट्रीज में ज्यादातर लोग अपने ही फील्ड में शादी करते हैं। खासकर, टीवी सीरियल्स के लोग। मेरी वाइफ चंडीगढ़ में जॉब करती है। मेरा मतलब था मेरी वाइफ मुझे और मेरे परिवार को सपोर्ट करे। वह मुझे संभाले।
आरोप है कि सफलता ने आपका दिमाग चढ़ा दिया है। आप अपने आपको राजेश खन्ना समझने लगे हैं। आप सैट पर देरी से आते हैं। अपने को-आर्टिटिस्ट के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं?
-देखिए, ऐसा कुछ नहीं है। ‘दीया और बातीÓ मेरा परिवार है। हम सब एक-दूसरे के साथ हैं। पता नहीं कौन घर की बातें इस तरह से फैलाता है। मुझे खुशी है मेरी तुलना राजेश खन्ना के साथ आप कर रहे हैं। वरना मैं तो राजेश जी के साथ एक सेल्फी खिंचवाने को तरसता रहा हूं। मैंने ‘दीया और बातीÓ की बदौलत जो ‘स्टारडमÓ हासिल किया है, वह कम लोगों को ही नसीब होता है। मैं सबका शुक्रगुजार हूं।
‘दीया और बातीÓ की एक्ट्रेस दीपिका ने शूटिंग के दौरान आप पर गलत ढंग से छूने का आरोप लगाया और आपको थप्पड़ दे मारा। क्या यह गलत है?
-सब अफवाहें हैं। पता नहीं ऐसी बेसिर-पैर की बातें कौन फैलाता है।
आप 2003 में ‘मिस्टर पंजाबÓ बने और फिल्म एक्टिंग की ओर रुख किया। आज आप सफलता के जिस मुकाम पर हैं, उसका श्रेय किसे देते हैं?
-यकीनन, मेरी सफलता का श्रेय मेरे फादर और फे्रंड्स को जाता है। उनके सपोर्ट के बिना कुछ संभव ही नहीं था। मेरे चाहने वाले मेरे दर्शक तो सब कुछ हैं ही।
क्या कारण है टीवी के बहुत अच्छे एक्टर को भी फिल्मों मेें ब्रेक नहीं मिलता?
– ऐसा नहीं है। मैं सबसे बड़ा उदाहरण किंग खान शाहरुख खान का देता हूं। उन्हें शुरुआती पहचान ‘सर्कसÓ, ‘फौजीÓ सीरियल से ही मिली।
मेरी लाइफ दर्शकों के लिए
दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है आपको। क्या कहेेंंगे इस पर?
-मैंने ‘दीया और बातीÓ के पन्द्रह सौ एपिसोड किए हैं। मुझे इसकी बदौलत बहुत प्यार, मान-सम्मान मिला। मैंने सूरज के किरदार को आत्मा से प्ले किया। मैं बहुत भावुक हूं। मैं अपने ही किरदार से प्यार करने लगा। मेरी लाइफ दर्शकों के लिए है। दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना मेरे लिए कशकमश है।
क्या आपको नहीं लगता कि सालों तक चलने वाले टीवी सीरियल कहीं न कहीं ऊब पैदा करते हैं और उन्हें छोटा होना चाहिए?
-यह मेरा काम नहीं है। हमें तो जैसा काम मिलता है, उस पर खरा उतरना ही हमारे लिए महत्वपूर्ण है। टीवी सीरियल के पात्र देखने वालों के घर का सदस्य बन जाते हैं। सीरियल के पात्र रोजाना आपके पास आते हैं, आप भी उनका बेसब्री से इंतजार करते हैं। ‘दीया और बातीÓ ऐसा सीरियल है, जो रोजाना चला है। कहीं कोई ऊब नहीं।
आपकी फिल्म ‘ननकानाÓ के बारे में क्या कहेंगे?
-बहुत अच्छी और उम्दा यह फिल्म 13 अप्रेल बैसाखी को रिलीज हो रही है। उम्मीद है लोगों को बहुत पसंद आएगी।
फिल्म इंडस्ट्रीज मेंं शाहरुख, आमिर और सलमान खान की चर्चा रहती है। इनकी तरह एक खान होने के कारण क्या आपकी ख्वाहिश भी उन जैसी ऊंचाइयां छूने की है?
-अच्छी बात है अगर ऐसा हो जाए। मैं तीनों खानों से बहुत प्रेरित हूं। उनकी फिल्में देखकर बड़ा हुआ हूं। मैंने उनसे बहुत सीखा है।
सलमान खान के साथ तो कई कंट्रोवर्सी जुड़ी हैं। क्या कहेंगे इस बारे में?
-मैंने कहा ना मैंने इनसे बहुत कुछ सीखा है। दारू पीकर गाड़ी नहीं चलानी चाहिए। शिकार नहीं करना चाहिए।
आप में क्या अच्छा है और क्या बुरा?
-मेरी खूबी यह है मैं अच्छा काम रहा हूं। अपने ख्वाब पूरे कर रहा हूं। थोड़ा गलत यह है कि मैं काम में बहुत चूजी और आलसी हूं। अगर बैठा हूं तो बैठा ही रहता हूं। घर वालों से गाली पड़ती है कि मैं काम नहीं करता। मुझे लगता है मुझे और प्रयास करने चाहिएं।
आपको खाने में क्या पसंद है?
-मुझे घर का खाना पसंद है। मैं वेज और नॉनवेज दोनों पसंद करता हूं। आलू मेथी की सब्जी, घिर, भिंडी, मशरूम पसंद हंै। सुबह उठकर दालचीनी का पानी और शहद पीता हूं।
आपकी बीवी आपके लिए ये सब पकाती हैं?
-हां, वह बिरयानी बहुत अच्छी बनाने लगी है।