उरद दाल की मिनी कचौरी

एकदम खस्ता उरद दाल की मिनी कचौरी, किसी भी समय के लिए परफेक्ट स्नैक्स। एक बार इसे बनाकर स्टोर करके रख लीजिए और पूरे आधे माह तक मज़े से खाइए।
सामग्री:
आटा लगाने के लिए
मैदा – 2 कप (250 ग्राम)
तेल – 1/4 कप (60 ग्राम)
नमक – 1/2 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
बेकिंग सोडा – 1 पिंच
स्टफिंग के लिए
भीगी उड़द दाल – 1/4 कप (50 ग्राम)
जीरा – 1/2 छोटी चम्मच (दरदरा कुटा हुआ)
सौंफ पाउडर – 1 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर – 1 छोटी चम्मच
हींग – 1/2 पिंच
लाल मिर्च पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच
गरम मसाला – 1/4 छोटी चम्मच
अदरक पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच
अमचूर- 1/4 छोटी चम्मच
नमक – 1/2 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
तेल – 1 टेबल स्पून
तेल- कचौरियां तलने के लिए
विधि: एक बड़े प्याले में मैदा निकाल लीजिए और इसमें 1/2 छोटी चम्मच नमक, बेकिंग सोडा और 1/4 कप तेल डालकर अच्छी तरह मिला लीजिये। फ्रिज के ठंडे पानी की सहायता से बिना मसले एकदम नरम आटा गूंथ लीजिये। इतना आटा गूंथने में 1/2 कप से थोड़ा सा ज्यादा पानी लगेगा। आटे को ढककर 15-20 मिनिट के लिये रख दीजिये। आटा सैट होकर तैयार जाएगा।
स्टफिंग बनाएं
हमने उड़द दाल को अच्छे से साफ करके धोकर 2 घंटे के लिए साफ पानी में भिगोकर 2 घंटे बाद दाल में से अतिरिक्त पानी हटाकर भीगी हुई उड़द दाल ली है। दाल को मिक्सर जार में डालकर बिना पानी डाले दरदरा पीसकर तैयार कर लीजिए।
पैन को गैस पर रखकर गरम कीजिये। इसमें 1 टेबल स्पून तेल डालिये। तेल गरम होने पर इसमें दरदरा कुटा जीरा डालकर हल्का सा सा भून लीजिए और गैस धीमा कर दीजिए ताकि मसाले जलें नहीं। इसके बाद इसमें हींग, धनिया पाउडर डालकर मसालों को हल्का सा भून लीजिए। मसाले में दरदरी पिसी दाल डालकर मिक्स कीजिए। दाल को लगातार चलाते हुए भून लीजिए। दाल में 1/2 छोटी चम्मच नमक, अदरक पाउडर, गरम मसाला, सौंफ पाउडर और अमचूर डालकर सारी चीजों को अच्छे से मिक्स करते हुए अच्छे से नमी सूख जाने तक भूनिए। दाल को भूनने में लगभग 12 मिनिट का समय लगा है।
दाल भुन जाने पर गैस बंद कर दीजिए और पैन को गैस पर से उतारकर जाली स्टैंड पर रख दीजिए। इसके बाद, इसमें लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छे से मिक्स कर दीजिए। स्टफिंग बनकर तैयार है, इसे प्लेट में निकल लीजिए ताकि यह जल्दी से ठंडी हो जाए।
20 मिनिट बाद आटा सैट होकर तैयार है। आटे को दो भागों में बांट लीजिए और इसे लम्बाई में रोल करते हुए छोटी-छोटी लोईयां तोड़ लीजिए। हाथ पर थोडा़ सा तेल लगाकर हाथ चिकना कर लीजिए ताकि आटा हाथों पर न चिपके। एक आटे की लोई उठाएं गोल कीजिए और हथेली पर रखकर थोड़ा सा चपटा कर लीजिए। लोई को दोनों हाथों की उंगलियों और अंगूठे की मदद से प्याली का आकार दे दीजिए।
लोई के ऊपर 1/2 चम्मच स्टफिंग रख दीजिए। इसके बाद आटे को चारों ओर उठाते हुए स्टफिंग को बंद कर दीजिए। लोई को गोल करके प्लेट में रख दीजिए। इसी तरह सारी कचौरियों को बनाकर प्लेट में रख लीजिए।
कढ़ाही में तेल डालकर गरम कीजिए। कचौरी तलने के लिए तेल एकदम कम गरम होना चाहिए। तेल को चैक करने के लिए थोडा़ सा आटा तेल में डालिए। अगर तेल में हल्के से बबल आ रहे हैं तो तेल एकदम सही गरम हुआ है। गैस धीमा ही रखिए। तेल में कचौरियों को तलने के लिए डाल दीजिए। कचौरियां एक तरफ से सकिने पर तेल के उपर आ जाती हैं। कचौरियों को चारों ओर से गोल्डन ब्राउन होने तक तलकर तैयार कर लीजिए।
तली हुई कचौरी को कलछी की मदद से कढ़ाही के ऊपर रोककर रख लीजिए ताकि अतिरिक्त तेल कचौरी से निकल कर कढ़ाही में वापस चला जाय। कचौरी को प्लेट में निकालकर रख लीजिए। बची हुई कचौरी को इसी तरह तलकर तैयार कर लीजिए। इतने आटे से लगभग 28 कचौरियां बनकर तैयार हो जाती हैं और एक बार की कचौरी तलने में 15-16 मिनिट लग जाते हैं। उड़द दाल की खस्ता कचौरियां बनकर तैयार हैं।
गरमागरम खस्ता कचौरियों के पूरी तरह से ठंडा हो जाने पर किसी कंटेनर में भर कर रख दीजिए और 15 से 20 दिन तक जब आप का मन हो इसे कंटेनर से निकालकर खाएं।