एएमयू ने खोजी डायबिटीज की काट, बनाई बिना साइड इफेक्?ट की यूनानी दवा

अलीगढ़। दुनियाभर में तेजी से फैल रही डायबिटीज (मधुमेह) का हिंदुस्तान ने इलाज खोज लिया है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के अजमल खां तिब्बिया कॉलेज ने जड़ी-बूटियों से एक ऐसी यूनानी दवा बनाई है, जो डायबिटीज खत्म करने में सक्षम है। दवा का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। अच्छी बात यह है कि शुगर लेवल को नियंत्रित करने के साथ यह इंसुलिन बनाने वाली बीटा कोशिकाओं को रीअरेंज भी करती है। फिर, इंसुलिन का सामान्य स्त्राव होने लगता है और दवा की जरूरत ही नहीं रह जाती। 55 मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल के बेहतरीन नतीजे देखकर इसे पेटेंट कराने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रो खान की टीम का कमाल तिब्बिया कॉलेज के इलमुल अदविया डिपार्टमेंट के प्रो नईम अहमद खान व उनकी टीम ने इस दवा को तैयार किया है। वर्षो के तजुर्बे के आधार पर प्रो खान ने वर्ष 2013 में पनीर डोडा, दाल चीनी समेत आठ जड़ी बूटियों से यह दवा तैयार कर डायबिटीज पीडि़त चूहों पर आजमाई। चूहों पर परीक्षण सफल रहा तो इसी साल जनवरी से इंसानों पर क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया। दिन में दो-दो गोलियां तीन बार दी जा रही हैं। दवा कितने दिन खानी है, यह मर्ज की गंभीरता पर निर्भर है।