एयर इंडिया के 130 पायलट व 430 क्रू मेंबर्स की नौकरी पर इस वजह से मंडरा रहा खतरा

मुंबई। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) एयर इंडिया के 130 पायलटों और 430 केबिन क्रू मेंबरों को ड्यूटी से हटा सकता है। ये लोग उड़ान से पहले और बाद में अनिवार्य अल्कोहल टेस्ट नहीं करा रहे हैं। हालांकि एयर इंडिया ने बयान जारी कहा है कि डीजीसीए के मानकों का पालन किया जा रहा है। डीजीसीए के सुरक्षा मानकों के अनुसार, उड़ान से पहले और बाद में पायलटों व क्रू मेंबरों के लिए अल्कोहल टेस्ट कराना जरूरी होता है। नियम कहते हैं कि उड़ान से 12 घंटे पहले तक शराब का सेवन प्रतिबंधित है। सूत्रों के अनुसार, कुछ समय से यह अक्सर देखा जा रहा था कि सिंगापुर, कुवैत, बैंकाक, अहमदाबाद और गोवा की उड़ान भरने या लौटने के बाद एयर इंडिया के ये पायलट और केबिन क्रू मेंबर अपनी अल्कोहल जांच नहीं करा रहे थे। सुरक्षा मानकों के ऐसे उल्लंघन को लेकर लेकर डीजीसीए ने एयर इंडिया को अल्टीमेटम भी जारी किया था। सूत्रों का कहना है कि अथॉरिटी अब बेहद गुस्से में है और कार्रवाई करने के मूड में है। ऐसे में क्या है नियमनियम कहते हैं कि इस तरह की प्रक्रिया से मना करने वाले को चार सप्ताह तक ड्यूटी से हटाया जा सकता है। उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है। 2016 में अल्कोहल जांच में विभिन्न विमान कंपनियों के 224 पायलट व अन्य स्टाफ दोषी पाए गए थे। 2015 में इनकी तादाद 202 थी। इतने सारे कर्मियों पर एक साथ कार्रवाई से एयर इंडिया की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, लिहाजा डीजीसीए चरणबद्ध तरीके से इन पर गाज गिराने के मूड में है। इससे पहले फरवरी में एयर इंडिया के कार्यकारी निदेशक अरविंद कठपलिया का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया था। वह भी अल्कोहल जांच से लगातार बच रहे थे। आंतरिक जांच में उन्हें दोषी पाया गया, जिसके बाद तीन माह के लिए उनका लाइसेंस रद्द कर दिया गया।