करवा चौथ के दौरान इन बातों का खास ध्यान

Close-up of a young woman looking through a sieve

इस साल करवा चौथ का व्रत 8 अक्टूबर रविवार को पड़ रहा है। विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और संतान के सुख के लिए भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा करती हैं। चंद्रमा का दर्शन कर महिलाएं उसे अघ्र्य देती हैं और पूजन के बाद पति के हाथ से पानी ग्रहण करती हैं। कई महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं, तो वहीं कई महिलाएं पानी या कुछ खाती भी हैं।
पहले करवा चौथ को महिलाओं की सास उन्हें बताती हैं कि उन्हें किस तरह से करवा चौथ का व्रत रखना है। इसके बाद वे उसी तरीके से कम से कम 12 साल या कुछ महिलाएं पूरी जिंदगी करवाचौथ का व्रत रखती हैं। जानते हैं करवा चौथ को किस तरह से आपको व्रत रखना है, जिससे आपके स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर नहीं हो।
शुगर का सेवन संतुलित रखें। अगर शुगर वाले भोजन को लेना जरूरी है, तो बहुत कम मात्रा में ही लें। दरअसल, मीठे भोजन में भूख को बाद में बढऩे की प्रवृत्ति होती है।
आप पनीर खा सकती हैं क्योंकि इससे पेट भरा लगता है और इसमें प्रोटीन की मात्रा भी अधिक होती है।
सर्गी के समय में प्रचुर मात्रा में (2-6) गुनगुने पानी का सेवन करें। गुनगुना पानी तेजी से अवशोषित हो जाता है क्योंकि यह शरीर का तापमान से मेल खाता है।
बादाम और अखरोट भी एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इससे आपकी ऊर्जा बनी रहती है और आपको भूख को बर्दाश्त करने की ताकत मिलती है।
भूख से अपने दिमाग को हटाने के लिए अपने खुद को किसी काम में व्यस्त रखें। अपने दोस्तों या परिवार के साथ व्यस्त रख सकती हैं।
ध्यान रखें कि जब आप अपना उपवास खोलें, तो बहुत मसालेदार और तेलयुक्त भोजन नहीं खाएं। पूरे दिन उपवास करने के कारण पेट में अम्लता का स्तर अधिक होता है। अच्छी गुणवत्ता वाले कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन वाले खाने से शरीर को रिचार्ज करने में मदद मिलती है।