कहीं से भी खरीदो, घी खाने योग्य नहीं

– चिकित्सा विभाग ने लिए थे सोलह सैम्पल, जांच में सारे फेल
श्रीगंगानगर। अगर आप सेहतमंद होने के लिए देसी घी खाने को तरजीह देते हैं तो सावधान हो जाएं। श्रीगंगानगर जिले मेें कहीं से भी घी खरीदें, वह खाने योग्य नहीं है। यह चिकित्सा विभाग की ओर से लिए गए घी के सैम्पल की जांच मेंं साबित हुआ है। घी के सैम्पल सौ फीसदी फेल हो गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई में घी के सैंपल लिए थे। विभाग की ओर से विगत दिनों लिए गए 16 सैंपल में से 16 ही फेल मिले। इनकी जांच जयपुर स्थित खाद्य प्रयोगशाला से करवाई गई, जहां से मिली रिपोर्ट में सभी अनसेफ कैटेगिरी के पाए गए। डॉ. बंसल ने बताया कि विभागीय टीम ने अग्रसेननगर चौक पर स्थित राम श्याम प्रोविजन स्टोर पर सरस के नकली घी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए सैंपल लिया, जो अनसेफ पाया गया। इसी तरह विभाग ने अगस्त माह में आरके ट्रेडिंग कंपनी सूरतगढ़ से विराट घी, काऊ घी, न्यू गोल्डन घी, अर्पण व सूर्या घी का सैंपल लिया, जो सभी अनसेफ पाए गए।
इसके बाद टीम ने घड़साना से अशोक कुमार कमल कुमार से गौमाता, गौमाता घी, न्यू गुडवे, कुकिंग मीडियम घी, हरियाणा उत्सव, कन्हैया किंग, शुद्ध घी (उजाला), गाय का घी, कृष्णा की नंदनी घी का सैंपल लिया गया, जो अनसेफ पाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने आम जन को चेताया है कि वेे ऐसे घी का उपयोग न करें ताकि स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े। उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि कुछ निर्माता घी की जगह माइल्ड फेट, कुकिंग मीडियम, लॉ कोलोस्ट्रॉल आदि शब्द लिखकर प्रोडक्ट बेच रहे हैं जिनके प्रति आम जन को सजग होना चाहिए।