कांग्रेस-सपा गठबंधन के आसार बढ़े, 8 को ऐलान संभव

कानपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में सपा और कांग्रेस गठबंधन के आसार बढ़ गए हैं। कांग्रेस तो तैयारी में भी जुट गई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो आठ जनवरी को इस पर मुहर लगने की संभावना है। फिलहाल प्रदेश में जहां पहले चरण के चुनाव होने हैं, वहां के लिए संभावित प्रत्याशियों की सूची बृहस्पतिवार को फाइनल की गई है। गठबंधन होने की सूरत में निर्धारित विधानसभा के लिए तीन-तीन संभावित प्रत्याशियों के नाम हाईकमान को भेज दिए गए हैं। प्रदेश में कांग्रेस को गठबंधन से खासी उम्मीद है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद भी सपा के साथ गठबंधन होने पर सकारात्मक हैं। अब अखिलेश के हावी होने के बाद गठबंधन लगभग तय हो गया है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की विधायकों के साथ हुई बैठक पर लखनऊ में मौजूद कांग्रेसी लगातार निगाह बनाए रहे। मुख्यमंत्री को 200 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद कांग्रेसियों ने चुनाव समिति की बैठक में गठबंधन के लिहाज से तैयार सूची की पहले स्क्रूटनी की। इसके साथ अकेले चुनाव लडऩे वाली सूची को भी शुक्रवार को दिल्ली भेजा जाएगा। सपा के साथ गठबंधन की सूरत में कांग्रेस के खाते में कानपुर शहर की दो और ग्रामीण क्षेत्र की एक सीट जा सकती है। गठबंधन की सूरत में बनी संभावित प्रत्याशियों और विधानसभा सीटों की सूची इसी लिहाज से तैयार की गई है।