कायाकल्प योजना में गंगानगर पांचवें नम्बर पर

– चरणबद्ध मूल्यांकन के बाद मिलेगा अव्वल जिले को 50 लाख का पुरस्कार
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कायाकल्प योजना में गंगानगर जिला पांचवें नम्बर पर रहा है। योजना के पहले चरण में मूल्यांकन के बाद प्रदेश स्तरीय श्रेणी निर्धारित की गई है, जिसमें गंगानगर को पांचवां स्थान मिला है। हालांकि अभी योजना के दो चरण शेष हैं, जिनके पूर्ण होने के बाद अव्वल रहने वाले जिले को स्वास्थ्य विभाग की ओर 50 लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा।
पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग की ओर से कायाकल्प योजना में पहले चरण के मूल्यांकन के बाद जिला ८ शेष ञ्च 5 पर
अस्पतालों की प्रदेश स्तरीय श्रेणी निर्धारित की गई। इस श्रेणी में राजसमन्द को पहला और सिरोही को दूसरा स्थान मिला है। चौथे स्थान पर हनुमानगढ़ और पांचवें नंबर पर गंगानगर रहा है। योजना के तहत निर्धारित मापदंडों पर जिला अस्पतालों का मूल्यांकन किया जा रहा है। अभी पहले चरण के मूल्यांकन के बाद श्रेणी निर्धारित की गई है। मूल्यांकन कुल तीन चरणों में होगा, जिसके बाद पहले और दूसरे स्थान पर रहने वाले जिला अस्पतालों को पुरस्कृत किया जाएगा। योजना में अव्वल जिले को स्वास्थ्य विभाग की ओर 50 और दूसरे नंबर के जिले को 20 लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा।
इन मापदंडों पर होगा मूल्यांकन
जिला अस्पताल की साफ-सफाई, रोगियों को देय सुविधाओं, रोगियों की संख्या, वार्डांे की स्थिति, बिजली-पानी की आपूर्ति व्यवस्था, ओपीडी, डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ की यूनिफार्म, साइनेज, पार्कांे और आवासीय भवनों का रख-रखाव सहित अन्य मापदंड शामिल हैं।
कमियों को दूर करने के प्रयास जारी
पहले चरण के मूल्यांकन में गंगानगर में कई कमियां रहीं। इनमें बिजली की अधिक खपत, निर्धारित शर्तांे के अनुसार साफ-सफाई नहीं होने और नाकारा सामान का निस्तारण नहीं करने जैसी अन्य शामिल हैं। कमियों की जानकारी मिलने पर जिला चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा इनका निस्तारण किया जा रहा है। बिजली खपत कम करने के लिए ट्यूबलाइट की जगह पर चिकित्सालय परिसर में एलईडी लगाई जाएंगी। सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए ठेकेदार को नोटिस दिया गया है और नाकारा सामान के निस्तारण के लिए कमेटी बनाई गई है। फटे गद्दों और मैली चादरों को भी बदला जा रहा है। टूटे-फूटे सामान को भी निस्तारित किया जा रहा है।