किसानों का कलक्ट्रेट पर पड़ाव, वार्ता विफल

– किसानों ने 2500 क्यूसेक पानी मांगा
श्रीगंगानगर। विभिन्न किसान संगठनों ने आज एकजुटता दिखाते हुए कलक्ट्रेट पर महापड़ाव शुरू कर दिया। यहां किसान नेताओं ने राज्य की भाजपा सरकार को आढ़े हाथों लेते हुए कहा कि पानी न देने से गंगनहर के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालत यह है कि किसान नरमे की बुवाई नहीं कर पाया है, जबकि बुवाई का समय निकला जा रहा है। गंगनहर में मात्र साढ़े 1200 क्यूसेक पानी चलाये जाने से बहुत कम नहरें चल रही हैं। ऐसे में सिंचाई संकट के साथ-साथ गांवों में पेयजल संकट भी खड़ा हो गया है।
गंगानगर किसान समिति के संयोजक रणजीत सिंह राजू, प्रवक्ता संतवीर सिंह मोहनपुरा, माकपा के पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी, कांग्रेसी नेता शिवदयाल गुप्ता, रामादेवी, चमकौर सिंह, किसान संघर्ष समिति के सुभाष सहगल, अमर सिंह बिश्रोई, गंगकैनाल के पूर्व प्रोजेक्ट चेयरमैन गुरबलपाल सिंह संधू, ग्लैक्सी बराड़ सहित काफी संख्या में नेताओं ने किसानों को सम्बोधित किया। सुबह से ही किसान कलक्ट्रेट पर जुटने शुरू हो गये थे और दोपहर को जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने इन किसान नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया। कलक्ट्रेट सभागार में हुई वार्ता में सभी नेताओं ने भाग लिया, जिसमें इन्होंने नहर में 2500 क्यूसेक पानी चलाने की मांग की। काफी देर गर्मागर्म बहस भी हुई। जिला कलक्टर के साथ अधीक्षण अभियंता सिंचाई अरूण कुमार सिडाना, एसडीएम यशपाल आहूजा भी थे। कलक्टर ने कहा कि वे चीफ इंजीनियर हनुमानगढ़ से इस मामले में बात कर पूरी स्थिति को स्पष्ट करेंगे, क्योंकि अभी बीबीएमबी की बैठक होगी, उसमें राजस्थान का हिस्सा तय होना है। कितना पानी गंगनहर को मिलेगा, वे चीफ इंजीनियर से बात करके फिर किसानों को बतायेंगे। वार्ता विफल होने पर किसान फिर से पड़ाव स्थल पर आ गये। उन्होंने कहा कि अगर पानी नहीं दिया गया, तो वे पड़ाव स्थल से आज जाने वाले नहीं है।