किसानों की कर्जमाफी के लिए 11 सदस्यीय कमेटी गठित

– एक माह मेें सरकार को देनी है रिपोर्ट, डॉ. रामप्रताप हैं अध्यक्ष
श्रीगंगानगर। पिछले दिनों किसानों द्वारा कर्जमाफी के लिए किये गये आंदोलन को लेकर राज्य सरकार ने अब जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी गठित की है। पूर्व में किसान नेताओं को यह आश्वासन दिया गया था कि रामप्रताप की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जायेगा, जो किसानों के 50 हजार तक के कर्जमाफी के मामले में रिपोर्ट देगी। उक्त कमेटी की बैठक अध्यक्ष की पूर्वानुमति से होगी। इसमें विशेष सदस्य भी आमंत्रित रहेेंंगे। उक्त कमेटी समस्त सम्बन्धित पक्षकारों से विचार विमर्श कर एक माह में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी। इस कमेटी का प्रशासनिक विभाग कृषि विभाग रहेगा। प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने इस कमेटी के गठन के आदेश जारी किये हैं।
यह कमेटी विभिन्न राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, केरल एवं अन्य राज्यों द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया एवं इसके राजस्थान राज्य की परिस्थितियों के सम्बंध में प्रभाव के अध्ययन, परीक्षण एवं विश्लेषण करेगी। डॉ. रामप्रताप के अलावा इस कमेटी में सदस्य के रूप में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, कृषि मंत्री प्रभूलाल सैनी, उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, सहकारिता मंत्री अजय सिंह, ऊर्जा राज्यमंत्री पुष्पेन्द्र सिंह, डिस्कोम चेयरमैन श्रीमद् पांडे, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डीवी गुप्ता, कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्रीमती नीलकमल दरबारी तथा सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार को लिया गया है। इसके अलावा सदस्य सचिव आयोजना विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा को नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि विभिन्न किसान संगठनों, विशेषकर माकपा के अखिल भारतीय किसान सभा ने पूरे राज्य में किसान आंदोलन किया था। इसमें मुख्य रूप से कर्जमाफी का मुद्दा रहा। आंदोलन के प्रभाव को देखते ही सरकार बैकफुट पर आई। किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी व राष्ट्रीय कौंसिल सदस्य श्योपतराम मेघवाल ने कहा है कि यदि सरकार ने किसानों का कर्जा माफ नहीं किया तो किसान सड़कों पर उतरने में देर नहीं लगायेगा।