कोई भी नई चीज आने पर चुनौतियां स्वाभाविक

– जीएसटी पर बोले प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (उत्तर-पश्चिम क्षेत्र) कैलाशचन्द्र जैन
श्रीगंगानगर। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (उत्तर-पश्चिम क्षेत्र) कैलाशचन्द्र जैन ने जीएसटी को क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे कारोबारियों को बहुत फायदा मिलेगा। झंझटों से छुटकारा मिलेगा। कोई भी नई चीज आती है तो चुनौतियां लाती ही है लेकिन लोगों के धैर्य और सहयोग से सब कुछ अच्छा हो जाता है। जैन ने आज एसडी बिहाणी स्कूल परिसर में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि कल तक टैक्स देने वाले लोग अनेक कठिनाइयों का जिक्र करते थे। उन्हें हर शहर के बाहर नाकों पर रुकना पड़ता है। कई विभागों का सामना करना पड़ता है। जीएसटी लागू होने से उनकी शिकायतें दूर हो जाएंगी। जीएसटी संबंधी अनिश्चितताओं और दिक्कतों के बारे में पूछे जाने पर जैन ने कहा कि समूचे भारत ने जीएसटी लाकर टैक्स में एकरूपता लाई गई है। स्वाभाविक है शुरू में कुछ दिक्कतें आएंगी ही लेकिन आदत बदलने से धीरे-धीरे सब ठीक होता जाएगा।
जीएसटी लागू होने के बाद प्रधानमंत्री बढ़े करदाताओं की संख्या कुछ बताते हैं तो वित्त मंत्री कुछ और, हकीकत क्या है, यह पूछे जाने पर जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री दोनों ही ठीक कह रहे हैं। उनके संदर्भ अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन मूल बात एक ही है।
क्या वास्तव में जीएसटी के बाद करदाता बढ़े हैं, इस सवाल के जवाब में जैन ने कहा कि हां, कर दाता बढ़े हैं। जब करदाता बढ़े हैं तो टैक्स भी बढ़ेगा। अकेले उत्तर-पश्चिम जोन में ही आयकर 25 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। यह केवल एक तिमाही का आंकड़ा है। आगे इसमें और बढ़ोतरी होगी।
जीएसटी बनाम पैंट-धोती
क्या जीएसटी सफल होगा, यह पूछे जाने पर प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने कहा कि किसी जमाने में हमारे बुजुर्ग धोती पहनते थे, हम लोग पैंट पहनने लगे तो उन्हें लगा कि न जाने पैंट कहां ंसे लेकर आ गए। फिर हम सब पैंट पहनने लग गए। अब कोई हमें कहे कि फिर से धोती पहनना शुरू दो तो समय तो लगेगा ही। जीएसटी के रूप में नई प्रणाली का मामला कुछ ऐसा ही है। जब धोती से पैंट तक आने में एक पीढ़ी लग गई तो पैंट से धोती तक आने में दो-तीन साल तो लगेंंगे ही।