क्रोम, फायरफॉक्स को ऐसे रखें सुरक्षित

डेस्कटॉप और स्मार्टफोन पर इंटरनेट ब्राउजिंग करने के लिए यूजर्स मोजिला फायरफॉक्स या फिर गूगल क्रोम का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं।
ऐसे में इंटरनेट पर ब्राउजिंग कई बार सुरक्षित नहीं मानी जाती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हैकर्स यूजर्स के निजी डाटा को इंटरनेट के माध्यम से चुराने की कोशिश करते हैं। इसलिए ब्राउजिंग करते समय यूजर्स को अपने डाटा की सुरक्षा का खास ध्यान रखना बेहद जरुरी है।
हम आपको फायरफॉक्स और क्रोम पर सेफ ब्राउजिंग करने का तरीका बताएंगे, ताकि आपका निजी डाटा सुरक्षित रहे और क्रेडिट कार्ड पासवर्ड को कोई हैक न कर पाए।
फायरफॉक्स पर ऐसे करें सेफ ब्राउजिंग-
1- यूजर्स को हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि वो ब्राउजर का मौजूदा या अपडेटेड वर्जन का ही इस्तेमाल करें।
2- स्टेट्स बार में दिए गए लॉक आइकन को चेक कर दें, जो यह बताता है कि आप एक सिक्योर वेबसाइट को ब्राउज कर रहे हैं।
3- इसके अलावा जब भी आप कोई ऑनलाइन भुगतान करें तो लोकेशन बार में द्धह्लह्लश्चह्य पर जरुर ध्यान दें। लोकेशन बार में द्धह्लह्लश्चह्य का होना जरुरी है।
4- फायरफॉक्स के टूल्स मेन्यू में जाकर ऑप्शन्स पर क्लिक करें। इसके बाद प्राइवेसी पर क्लिक कर पूरी ब्राउजिंग हिस्ट्री को सुरक्षित कर सकते हैं। यह तब बेहद अहम हो जाता है जब आप किसी पब्लिक कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हों।
5- इंटरनेट से शॉपिंग या अपनी निजी जानकारी केवल उन्हीं वेबसाइट्स पर देनी चाहिए जो विश्वसनीय हों। बिना जांचे किसी भी वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी न दें। साथ ही ऑनलाइन भुगतान भी न करें।
गूगल क्रोम पर ऐसे करें सेफ ब्राउजिंग-
1- क्रोम के सेटिंग पैनल पर जाएं और एडवांस पर क्लिक कर प्राइवेसी सेक्शन पर क्लिक करें। यहां आप ह्यद्ग ड्ड 2द्गड्ढ ह्यद्गह्म्1द्बष्द्ग ह्लश द्धद्गद्यश्च ह्म्द्गह्यशद्य1द्ग ठ्ठड्ड1द्बद्दड्डह्लद्बशठ्ठ द्गह्म्ह्म्शह्म्ह्य और ह्यद्ग ड्ड 2द्गड्ढ ह्यद्गह्म्1द्बष्द्ग ह्लश द्धद्गद्यश्च ह्म्द्गह्यशद्य1द्ग ह्यश्चद्गद्यद्यद्बठ्ठद्द द्गह्म्ह्म्शह्म्ह्य के बॉक्स को चेक कर दें। साथ ही श्वठ्ठड्डड्ढद्यद्ग श्चद्धद्बह्यद्धद्बठ्ठद्द ड्डठ्ठस्र द्वड्डद्य2ड्डह्म्द्ग श्चह्म्शह्लद्गष्ह्लद्बशठ्ठ को भी चेक कर लें।
2- इसमें एक कंटेंट सेटिंग टैब दिया गया होगा, इस पर क्लिक करें। यहां से आप कंटेंट को प्रतिबंधित कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर- जावास्क्रिप्ट को डिसेबल करना और प्लाग-इन्स को प्रतिबंधित करना। इसके बाद क्रोम आपको ऐसे साइट्स के बारे में अलर्ट करता है, जिसमें उपरोक्त कंटेंट मौजूद होते हैं।
3- अगर आप क्रोम पर अपना कोई भी पासवर्ड सेव करते हैं तो जो भी व्यक्ति आपका पीसी इस्तेमाल करेगा वो आपकी जानकारी को आसानी से एक्सेस कर सकता है। ऐसे में कभी भी आप अपना निजी और अहम पासवर्ड को क्रोम पर सेव न करें। ऐसा इसलिए भी है कि क्योंकि क्रोम में पासवड्र्स को एनक्रिप्ट नहीं किया जा सकता है। जबकि फायरफॉक्स में मास्टर पासवर्ड फीचर के जरिए एनक्रिप्शन संभव है।
4- क्रोम यूजर्स का सभी डाटा जिसमें पासवर्ड और सेटिंग शामिल हैं, को सिंक कर लेता है और जब यूजर किसी दूसरी डिवाइस से लॉगइन करता है तो क्रोम उस डाटा को नई डिवाइस में सिंक कर देता है।
इस समस्या के समाधान के लिए गूगल कई सिक्योरिटी फीचर्स उपल्ब्ध कराता है। इसके लिए गूगल अकाउंट सिक्योरिटी पेज पर जाकर गूगल के 2 स्टेप वेरिफिकेशन को इनेबल कर दें। इसके लिए आपको एक स्पेशल कोड एंटर करना होगा। ऐसा करने से आप जब भी किसी नए कंप्यूटर या मोबाइल से अपना अकाउंट ओपन करेंगे तो आपके फोन पर इससे संबंधित अलर्ट भेज दिया जाएगा।
5- इसके अलावा गूगल अकाउंट सिक्योरिटी पेज से आप ईमेल या फोन नोटिफिकेशन को भी ऑन कर सकते हैं। इससे अगर कोई अन्य व्यक्ति आपका अकाउंट लॉगइन करने की कोशिश करता है तो आपको इसके लिए फोन या ई-मेल पर नोटिफिकेशन भेज दिया जाता है।
6- गूगल क्रोम के लिए कई ऐसे एक्सटेंशन्स भी मौजूद हैं जो अतिरिक्त सिक्योरिटी मुहैया कराते हैं।
उदाहरण के तौर पर: ङ्खद्गड्ढ शद्घ ञ्जह्म्ह्वह्यह्ल (ङ्खह्रञ्ज) एक्सटेंशन आपको असुरक्षित वेबसाइट्स के बारे में अलर्ट देता है। ्रष्ठक्चद्यशष्द्म एक्सटेंशन वेबसाइट से मालवेयर वाली प्रचार सामग्री को रीमूव करता है।