खाद्य तेल पर आयात शुल्क में भारी बढ़ौतरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खाद्य तेल पर आयात शुल्क में भारी बढ़ौतरी की घोषणा से पहले देश के अग्रणी जिंस एक्सचेंजों एनसीडीईएक्स और एमसीएक्स पर कुछ बड़े कारोबारियों ने खाद्य तेल अनुबंधों में बड़ी लिवाली की। खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा अगस्त में की गई थी, लेकिन उससे भी घरेलू बाजार में तिलहनों की कीमतों में गिरावट नहीं थमी। इसकी वजह यह थी कि उसके बाद खाद्य तेल का आयात बढऩे लगा था। सरकार ने शुक्रवार रात एक अधिसूचना जारी कर सभी तरह के खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में भारी बढ़ौतरी कर दी। सरकार ने कच्चे पाम तेल पर आयात शुल्क 15 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी और रिफाइंड पर 25 फीसदी से बढ़ाकर 40 कर दिया है।