खुद को लगातार अपडेट रखकर बने परफेक्ट प्रोफेशनल

 अपना काम पूरी कुशलता से निभाने, लगातार इनोवेशन, चुनौतियों को स्वीकार करने के जज्बे और खुद को लगातार अपडेट रखकर परफेक्ट प्रोफेशनल बना जा सकता है। इसके लिए कुछ खास बातें बता रहे हैं।
लक्ष्य पर हो नजर
आप किसी भी संस्थान में किसी भी पद पर काम कर रहे हों, आपको अपना फोकस क्लियर रखना होगा। आपके पद से जुड़े जो भी काम हैं, उन्हें समझते हुए पूरी जिम्मेदारी से निभाने का प्रयास करें। उसे इतनी खूबी से करें कि बॉस उसे देखकर आपकी तारीफ किए बिना न रह सकें। ऐसा तभी होगा, जब आप अपने काम में इंट्रेस्ट लेंगे। यानी उस काम में पूरी तरह डूबेंगे।
कुशलता जरूरी
आज लगभग हर काम में तकनीक की मदद ली जा रही है। इससे व्यक्ति को अपनी कुशलता और काबिलियत बढ़ाने में मदद मिलती है। कोई इंसान अपने काम में कितना कुशल है, इसका अंदाजा उसके आउटपुट को देखकर लगता है। अगर आपको लगता है कि समय के साथ आपको अपना काम पूरी कुशलता से करने में कहीं कोई दिक्कत आ रही है या फिर आप खुद को कहीं कमजोर पा रहे हैं, तो हताश होने या आत्मविश्वास खोने की बजाय अपने को संभालें। अगर आप अपने आत्मविश्वास को बनाए रखेंगे और मन में हमेशा यह बात दोहराते रहेंगे कि आप अपनी कमजोरी को दूर करके रहेंगे, तो निश्चित रूप से अपने भीतर की कमी को दूर कर लेंगे। इस सोच पर आगे बढ़ते हुए आप खुद को मजबूत बनाने की तरफ कदम उठाएंगे, तो कामयाब भी रहेंगे।
हर दिन नया
परफेक्ट प्रोफेशनल बनने के लिए आज के समय में यह भी जरूरी है कि आप लकीर का फकीर होने या बंधे-बंधाए ढर्रे पर चलते रहने की बजाय अपने काम को स्मार्ट तरीके से करने पर ध्यान दें। आप गौर करें, तो पाएंगे कि रस्मी और कैजुअल अप्रोच रखने वाला व्यक्ति किसी भी काम में ज्यादा से ज्यादा टाइम बिताना चाहता है और खुद को झूठ-मूठ का व्यस्त दिखाना चाहता है, जबकि इनोवेटिव इंसान उसी काम को स्मार्ट तरीके से कुछ ही समय में पूरा कर देता है। दरअसल, कुछ लोग महज घड़ी देखकर ड्यूटी करते हैं। टाइम देखकर आते हैं और टाइम पूरा होते ही उठकर चल देते हैं। उन्हें इससे मतलब नहीं होता कि इस दौरान उन्होंने क्या और कितना सार्थक किया है? दूसरी ओर, सही मायने में कर्मठ व्यक्ति को बिना मतलब किसी काम को लंबा खींचना बिल्कुल भी नहीं भाता। इसीलिए वह यथाशीघ्र अपने काम को पूरा करने का प्रयास करता है। ऐसे लोग किसी भी काम को उलझाकर नहीं रखना चाहते।
दरअसल, पेंडिंग वर्क उनकी उलझन बढ़ाता है, इसलिए वह पारंपरिक बाबू की तरह अपनी सीट पर फाइलों का अंबार नहीं लगाते। कोई भी काम सामने आने पर वह जितनी जल्दी हो सके, उसे मुकम्मल तरीके से पूरा करने का प्रयास करते हैं। इतना ही नहीं, अपने टेबल पर मुंह छिपाकर बैठने की बजाय वे हर नए काम में सबसे आगे रहते हैं। उनके लिए हर दिन खुद को साबित करने का होता है और वह इस भूमिका को खुशी-खुशी स्वीकार भी करते और निभाते हैं। इनोवेटिव विजन वाला एक परफेक्ट प्रोफेशनल किसी भी काम को नए नजरिए से देखता और करता है। वह काम को उसकी उपयोगिता के नजरिए से देखता है। वह लोगों के लिए कितना लाभप्रद है, उसे क्यों लाना या करना चाहिए, वह उसे हर पहलू से देखता-परखता है। अपने नित नए आइडिया से वह लगातार चैंकाता है।
टीम के साथ संतुलन
एक परफेक्ट प्रोफेशनल में एकला चलो रे की बजाय टीम के साथ काम करने का गुण होना चाहिए। टीम के साथ सौहाद्र्रपूर्ण संबंध रखने से मुश्किल से मुश्किल काम भी आसान लगने लगता है, क्योंकि एक-दूसरे के सहयोग के लिए टीम का हर मेंबर तत्पर होता है। एक मैच्योर प्रोफेशनल ईष्र्या-द्वेष के चक्कर में कभी नहीं पड़ता, बल्कि वह हर किसी से आत्मीय रिश्ता रखता है। उनके सुख-दुख में साझीदार होता है। इस तरह के माहौल से टीम की प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने में मदद मिलती है।
-तरक्की की राह पर आगे बढऩा चाहते हैं, तो खुद को परफेक्ट प्रोफेशनल बनाना होगा।
– इसके लिए जॉब को टाइम पास नौकरी समझने की बजाय उसे इंच्वॉय करें, जिएं।
-इनोवेटिव अप्रोच को अपनी आदत में शुमार करें, ताकि हमेशा नए और प्रभावशाली तरीके से काम कर सकें।
-अपनी स्किल को लगातार अपडेट भी करते रहें, ताकि वक्त के साथ-साथ चल सकें।