गंगानगरी छोरे-छोरी की प्रेम कहानी देश भर में चर्चा में

– डॉ. दुष्यंत का उपन्यास ‘वाया गुडग़ांवÓ तेजी से हुआ लोकप्रिय
– संभावना है जल्द इस कथा को हम देखेंगे बड़े पर्दे पर
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर से उठी जाट छोरे-छोरी की प्रेम कहानी इन दिनों देश भर के साहित्यिक गलियारों में व्यापक चर्चा में है। इस कहानी को जाने-माने लेखक, कवि, गीतकार और स्क्रिप्ट राइटर डॉ. दुष्यंत ने अपने हालिया प्रकाशित उपन्यास ‘वाया गुडग़ांवÓ में बड़ी खूबसूरती से पिरोया है। संभावना है कि श्रीगंगानगर निवासी और वर्तमान में मुम्बई फिल्म नगरी में सक्रिय दुष्यंत की इस कहानी को हम बड़े पर्दे पर देखेंगे। विख्यात अन्तर्राष्ट्रीय प्रकाशक जगरनॉट ने इस उपन्यास को छापा है। इससे पहले भी उनकी किताबें प्रतिष्ठित पेंगुइन और राजकमल प्रकाशन के बैनर तले छपी हैं। उपन्यास ‘वाया गुडग़ांवÓ उनकी छठी पुस्तक है। यह किताब जैसे ही रिलीज हुई, चर्चा में आ गई।
काल्पनिक पात्र महेंद्र सिहाग और सुमन गोदारा की इस प्रेम कहानी को खूब पसंद किया जा रहा है। जाने-माने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी चर्चा है। महेंद्र के पिता राजेंद्र को लगता है कि गांव की सरपंची में रामेसर को डमी सरपंच बनाकर सत्ता पर कब्जा बनाए रखना लंबे समय तक नहीं चल पाएगा। वे बेटे महेंद्र की शादी एक राजनीतिक परिवार में करवाकर अपने राजनीतिक कॅरियर को बेहतर कर देना चाहते हैं। विधानसभा के चुनाव भी नजदीक हैं। पंजाब और हरियाणा के कई बड़े प्रभावशाली राजनीतिक जाट परिवार उनके राडार में हैं। दुष्यंत बताते हैं, ”उपन्यास की संस्कृति केवल जाट संस्कृति नहीं, इलाके की संस्कृति है, पाठक इसे पढ़कर आनंद और गर्व से भर जाएंगे।ÓÓ
दुष्यंत ने इलाके के सौ सालों को किताब में खास अंदाज में शामिल किया है, उपन्यास के संवाद इलाके की भाषा में हैं, इस तरह से उसका हिंदी उपन्यास में आना बड़ा महत्वपूर्ण है। नए ज़माने के मूल्यों के साथ गुजरे ज़माने के रीति रिवाज़ों और इतिहास के तालमेल की चुनौती तथा समाधान को पढऩा सबके लिए अनूठा अनुभव होगा। दुष्यंत ने इस संभावना से इन्कार नहीं किया कि बॉलीवुड फिल्म इस उपन्यास पर बन रही है। दुष्यंत बताते हैं, ”उपन्यास की टैग लाइन ‘रोमियो जूलियट इन जाटलैंडÓ पाठकों को बहुत आकर्षित कर रही है। उपन्यास को लेकर पाठकों की इतनी सकारात्मक प्रतिक्रियाओं से आश्चर्यचकित और अभिभूत हूं, मैंने उपन्यास को लिखते हुए यह सब सोचा ही नहीं था।ÓÓ
कई फिल्मों मेंं दुष्यंत का योगदान
आगामी दिनों मेें प्रदर्शित होने जा रही कई फिल्मों में दुष्यंत का योगदान नजर आएगा। आदिवासी पृष्ठभूमि पर बनी बॉलीवुड फिल्म ‘असुरÓ की पटकथा दुष्यंत ने लिखी है। कश्मीरी लड़की की कहानी पर आधारित ‘आसमांÓ और कांस फिल्म फेस्टिवल में वाहवाही बटोर चुकी ‘पारा जीसोÓ के गाने दुष्यंत ने लिखे हैं। रणदीप हुड्डा की फिल्म ‘लाल रंगÓ में उनके गाने ‘बावली बूचÓ को काफी सराहा गया