गुजरात चुनाव: कांग्रेस ने पाटीदार आरक्षण पर दिए तीन विकल्प

अहमदाबाद। कांग्रेस ने पाटीदारों को आरक्षण के लिए तीन विकल्प दिए हैं। इसके अंतिम फार्मूले पर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ही मुहर लगाएंगे। आरक्षण के मसले पर कांग्रेस की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने पाटीदार नेताओं के साथ चर्चा की। दोनों पक्षों ने आरक्षण के विकल्पों को गोपनीय बताते हुए उनकी जानकारी देने से इनकार कर दिया है। माना जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी और चुनाव प्रचार समिति के प्रभारी अर्जुन मोढवाडिया ने पाटीदारों को ओबीसी-2 के फॉर्मूले से आरक्षण का प्रस्ताव रखा। इससे अजा/जजा और अन्य पिछड़ा वर्ग के 49 प्रतिशत आरक्षण के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। कोर कमेटी करेगी विचार : पाटीदार नेता दिनेश बामणिया ने बताया कि कांग्रेस ने उन्हें जो विकल्प दिए हैं उन पर आरक्षण आंदोलन समिति की कोर कमेटी चर्चा करेगी। उन्होंने साफ किया कि राजस्थान में अन्य पिछड़ा वर्ग की तरह पाटीदारों को आरक्षण नहीं चाहिए। गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने आरक्षण से वंचित जातियों को आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण की घोषणा की थी। लेकिन, हाई कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी थी। मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। भाजपा ने रुचि नहीं दिखाई: बामणिया ने कहा है कि आरक्षण को लेकर कांग्रेस गंभीर है। वह इस समस्या का समाधान करने को तैयार हैं, जबकि भाजपा ने कोई रुचि नहीं दिखाई। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता व पाटीदारों के बीच तीन घंटे तक बातचीत चली। इसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल, राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल आदि भी शामिल हुए। कांग्रेस ने सुझाया कि पाटीदार आरक्षण को संवैधानिक बनाने के लिए ओबीसी आयोग को भी इस मामले में जोड़ा जाएगा।