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गेहूं किसानों के लिए बुरी खबर, 22 फरवरी से बढ़ेगी गर्मी

जयपुर। उत्तर-पश्चिम भारत के ज्यादातर इलाकों में तापमान चढऩे लगा है. मौसम विभाग के मुताबिक, 22 फरवरी से लेकर 28 फरवरी के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के साथ-साथ देश के दूसरे ज्यादातर इलाकों में दिन और रात दोनों का ही तापमान सामान्य से 4 से लेकर 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर रिकॉर्ड किया जाएगा. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में ज्यादातर जगहों में सर्दी छूमंतर हो जाएगी और गर्मी धीरे-धीरे पांव पसार लेगी. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 10 दिनों में तीन कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत में दस्तक देंगे. 20 तारीख को यानी आज शाम से जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखाना शुरू करेगा. इसकी वजह से निचले इलाकों पर बारिश का असर नहीं पड़ेगा. लेकिन यह कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में दिन और रात दोनों ही तापमान ऊपर चढ़ा देगा. इसकी वजह से दिन और रात के तापमान में कम से कम 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है. इस पश्चिमी विक्षोभ के पीछे एक दूसरा पश्चिमी विक्षोभ आने जा रहा है जो 23 तारीख से अपना असर दिखाना शुरू करेगा. इसके बाद एक तीसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम हिमालय के इलाकों में दस्तक देगा. इन सभी पश्चिमी विक्षोभ का मुख्य असर जम्मू- कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में देखा जाएगा. बार-बार आ रहे कमजोर पश्चिमी विक्षोभ हर बार 2-2 डिग्री सेल्सियस के तापमान की बढ़ोतरी मैदानी इलाकों में कर सकते हैं. इस वजह से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में फरवरी के अंतिम हफ्ते में गर्मी तेजी से अपना असर दिखाने लगेगी. मौसम के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सुपर कंप्यूटर ने जो रुझान दिखाएं हैं, उनके मुताबिक उत्तर पश्चिम भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में रात का तापमान सामान्य से कई डिग्री सेल्सियस ऊपर चला जाएगा. मध्य भारत की बात करें तो यहां पर ज्यादातर इलाकों में रात का तापमान 22 फरवरी से लेकर 28 फरवरी के दौरान सामान्य से ऊपर रहने की आशंका जताई जा रही है. वहीं दिन का तापमान देश के ज्यादातर हिस्सों में 22 फरवरी से लेकर 28 फरवरी के दौरान दिन के तापमान सामान्य से कई डिग्री सेल्सियस पर चढ़ जाएगा. वैसे तो दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी को सर्दी के जाने का संकेत माना जा सकता है. लेकिन जिस तरह से तापमान ऊपर चढऩे की बात कही जा रही है उसको देख कर ही कहा जा सकता है कि गेहूं किसानों के लिए अच्छी खबर नहीं है.