चाय की चुस्कियों के बीच भी है सुनहरा करियर

teaरोजाना सुबह आप चाय की चुस्कियां तो लेते होंगे लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इन चाय की चुस्कियों को लेने में भी एक करियर छिपा है। चाय पत्ती बनाने वाली कंपनियां अपनी कंपनी में आकर्षक वेतन पर टी टेस्टर नियुक्त करती हैं। चाय ऐसा प्रोडक्ट है जो बागानों से सीधे खुले बाजार में नहीं बेचा जाता है। टी-टेस्टर चाय पीकर उसके स्वाद के आधार पर उसकी गुणवत्ता का मूल्यांकन करता है। गुणवत्ता पर ही चाय के मूल्य निर्धारित किए जाते हैं। टी टेस्टर के सुझावों के आधार पर ही कंपनियां अलग-अलग स्वाद की चाय बाजार में उतारती है।
ट्रेनिंग जरूरी
टी टेस्टर का काम चुस्कियां लेने जितना भी आसान नहीं है। टी टेस्टर बनने से बनने से पूर्व प्रशिक्षण प्राप्त करना होता है। चाय की खेती और व्यापार पश्चिम बंगाल और असम में होने से इसके प्रशिक्षण संस्थान भी वहीं पर हैं। यहां डिग्री कोर्स इन टी मैनेजमेंट, डिप्लोमा या सर्टिफकिेट कोर्सेस इन टी मैनेजमेंट संचालित होता है।
इन्हें मिलती है प्राथमिकता
कृषि विज्ञान, उद्यान विज्ञान, फूड साइंस में 12वीं पास या बॉटनी सब्जेक्ट के स्नातकों को प्राथमिकता दी जाती है।
प्रमुख संस्थान
– दार्जीलिंग टी रिसर्च एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन कदमताल।
– दीपरास इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, एफ ई 477, साल्टलेक सिटी कोलकाता
– दार्जीलिंग टी रिसर्च सेंटर, कुर्सियांग, दार्जिलिंग।