चिंटू वधवा के पिता के खिलाफ लोग पहुंचे अदालत में

– ग्यारह लाख रुपए उधार के बदले मेंं दिए चैक डिस्ऑनर होने का आरोप
श्रीगंगानगर। देनदारियों के मामले में युवा कॉलोनाइजर राजेन्द्र वधवा उर्फ चिंटू के खिलाफ पहले से ही मुकदमे दर्ज हो रहे हैं, अब लोगों ने वित्तीय मामलों में उसके पिता के खिलाफ भी अदालतों में पहुंचना शुरू कर दिया है।
चेक डिस्ऑनर होने पर चिंटू वधवा के पिता जगदीश राय वधवा के खिलाफ विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एनआई एक्ट प्रकरण) नंबर एक की अदालत में पराक्रम्य लिखित अधिनियम 1881 की धारा 138 के तहत चार परिवाद पेश किए गए हैं। इनमें जगदीश राय वधवा को उधार दिए गए कुल ग्यारह लाख रुपए के बदले मेंं दिए चैक डिस्ऑनर होने का आरोप लगाया गया है।
एडवोकेट चरणदास कम्बोज के मार्फत यह परिवाद नितेश बजाज, उसकी मां लक्ष्मी देवी, फर्म मैसर्स बजाज टैक्सटाइल और मैसर्स किशनचंद बजाज एनयूएफ की तरफ से किशनचंद बजाज ने पेश किए हैं।
नितेश बजाज ने परिवाद में उधार लिए गए तीन लाख रुपए के बदले में दिया गया चैक डिस्ऑनर होने, लक्ष्मी देवी ने परिवाद में उधार लिए गए ढाई लाख रुपए के बदले में दिया गया चैक डिस्ऑनर होने, किशनचंद बजाज ने फर्म बजाज टैक्सटाइल के परिवाद में उधार लिए तीन लाख रुपए के बदले में दिया चैक डिस्ऑनर होने तथा मैसर्स किशनचंद बजाज एनयूएफ के परिवाद में उधार लिए गए ढाई लाख रुपए के बदले मेंं दिया गया चैक डिस्ऑनर होने का आरोप लगाया गया है।