छह जिलों मेें फसल बीमा का क्लेम अटका

– सरकार ने दिये युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कम्पनी को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा
– छह जिलों में बीकानेर सम्भाग शामिल
श्रीगंगानगर (एसबीटी)। राज्य के छह जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मिलने वाला क्लेम अटक गया है। इससे जहां किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, वहीं सरकार की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार के आयुक्त कृषि ने युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कम्पनी को ब्लैकलिस्ट करवाने की अनुशंसा भारत सरकार से की है।
इस मामले में आयुक्त ने भारत सरकार के कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव से कहा है कि उक्त कम्पनी को खरीफ-2016 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 21 जिलों का आवंटन किया गया था, जिसके तहत राज्यांश प्रीमियम एवं अधिसूचित फसलों के औसत उत्पादकता समक मार्च माह 2017 से पूर्व ही उपलब्ध करवाये जा चुके हैं। इसके आधार पर बीमा क्लेम की गणना कर 736 करोड़ रुपये की राशि किसानों को हस्थानांतरित करना बताई, जबकि कईं जिलों में बीमा क्लेम राशि के साथ बैेंकों को अपूर्ण सूचना भिजवाने के दौरान किसानों के खाते में राशि आज तक हस्थानांतरित नहीं हो पाई। इस सम्बंध में सम्बन्धित बैंक शाखा एवं विभाग द्वारा आयोजित बैठकों मेें पूर्ण सूचना सम्बन्धित बैंकों को उपलब्ध करवाने के निर्देश प्रदान किये गये, किन्तु बीमा कम्पनी द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया। साथ ही छह जिलों के 20 तहसीलों के कांटेस्टेंट अनुमानित बीमा क्लेम राशि 276 करोड़ रुपये का किसानों के खातों में स्थानांतरण नहीं करने के कारण किसानेां में आक्रोश है। उक्त बीमा क्लेम शीघ्र देने के सम्बंध में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और क्षेत्रीय अधिकारियों ने कईं पत्र लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्वयं कृषि मंत्री ने भी इस सम्बंध में कम्पनी को लिखा, लेकिन किसानेां को क्लेम नहीं मिला। कृषि आयुक्त ने भारत सरकार को लिखते हुए कहा है कि 23 अक्टूबर को विधानसभा सत्र शुरू किया जा रहा है। राज्य के किसानों में बीमा क्लेम राशि न मिलने से आक्रोश है। युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कम्पनी लि. खरीफ-2016 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का बकाया क्लेम राशि किसानों को हस्थानांतरण नहीं करना चाहती है। इसलिए इस कम्पनी को ब्लैकलिस्ट किया जाये। उल्लेखनीय है कि इन छह दिनों मेें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और चूरू भी शामिल हैं।