छोटे समाचार पत्रों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग

– पुरी में भारतीय भाषाई समाचार पत्र संगठन (इलना) की आम सभा
नई दिल्ली। पुरी मेें हुई भारतीय भाषाई समाचार पत्र संगठन (इलना) की आम सभा में विभिन्न प्रस्ताव पारित किए गए। इस मौके पर सरकार से छोटे समाचार पत्रों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
इलना की कार्यकारिणी ने जीएसटी के कठोर प्रावधानों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करने पर चिंता जताई तथा समाचार पत्रों पर लागू किए गए जीएसटी के प्रावधानों को हटाने की मांग की। बैठक में आश्चर्य प्रकट किया गया कि प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया ने डीएवीपी से दूरगामी परिणामों को ध्यान में रखकर कुछ समाचार पत्रों के विज्ञापन रोकने को कहा है। प्रेस कौंसिल को ऐसे कोई दंडात्मक अधिकार प्राप्त नहीं हैं। इलना ने कहा कि प्रेस कौंसिल को समाचार पत्रों के संरक्षक की भूमिका निभानी चाहिए। उसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को प्रेषित अपना पत्र तुरंत वापस लेना चाहिए।
इलना ने डीएवीपी और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से सूचीबद्ध किए गए समाचार पत्रों की संख्या कम करने के प्रयासों पर भी चिंता जताई और इसे प्रेस विरोधी बताते हुए निंदा की। इलना की कार्यकारिणी ने कहा कि सभी विचार विमर्श किए बिना स्वेच्छा से निर्मित नियमों से समाचार पत्रों को सूचीबद्ध करने में पक्षपात का डीएवीपी को कोई अधिकार नहीं है। इलना की बैठक में कार्यकारिणी के सदस्य एस. नगन्ना, शरद रामदेव, देविंदर सिंह तोमर, सुधीर कुमार पंडा, कुरियर एन्राइम, पीजी सुरेश बाबू, नगप्पा करणावर को पुन: चुना गया। इस मौके पर एस. नगन्ना को वरिष्ठ प्रकाशक सम्मान प्रदान किया गया। एक्जीक्यूटिव मीटिंग में परेश नाथ को अगले वर्ष के लिए अध्यक्ष नियुक्त करके उन्हें अपनी कार्यकारिणी घोषित करने के लिए अधिकृत किया गया।