जजों की बैठक रही बेनतीजा, अब सोमवार पर टिकी निगाहें

नई दिल्ली। सुप्रीम न्यायपालिका के ‘सुप्रीम विवादÓ को सुलझाने की कोशिशों के चलते गुरुवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के साथ नाराज चार जजों जस्टिस चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकुर और कुरियन जोसेफ की मीटिंग हुई. चीफ जस्टिस के साथ मीटिंग में चार और जज भी मौजूद थे. जिनमें जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस यूयू ललित भी इस मीटिंग में शामिल हुए. चीफ जस्टिस के साथ जजों की ये मीटिंग करीब 30 मिनट तक चली, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.बता दें कि नाराज़ चारों जज़ों ने ष्टछ्वढ्ढ को रोस्टर ( मुकदमों के आवंटन) को लेकर एक प्रस्ताव दिया था. इस प्रस्ताव में ये बताया गया कि संवेदनशील मामलों का आवंटन कैसे किया जाए. चाय कॉफ़ी के बीच इन जजों ने तो रोस्टर, पीआईएल, प्रशासनिक सुधार और मेंशनिग जैसे मुद्दों पर अपनी पेशकश रख दी। अलबत्ता सीजेआई ने इस पर अपना मन्तव्य पूरी तरह साफ नहीं किया. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा ने सभी चारों नाराज़ जजों को भरोसा दिया कि वो इस प्रस्ताव पर ग़ौर करेंगे. सूत्रों के मुताबिक मीटिंग सौहार्दपूर्ण रही और अगले हफ्ते सोमवार को एक बार फिर मीटिंग हो सकती है. क्योंकि नाराज़ जजों की अगुआई कर रहे जस्टिस चलमेश्वर गुरुवार शाम चेन्नई रवाना हो गए हैं. उन्हें वहां किसी समारोह में शिरकत करनी है. वो अब सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट आएंगे. लिहाज़ा सोमवार को ही सभी नाराज़ जजों और सीजेआई के बीच बैठक के योग बनते दिखते हैं.