जज ने पुलिस अधिकारी से कहा-क्यों न आपको नौकरी से हटाने के निर्देश दे दिए जाएं?

– सिरसा डेरे से महिला की गुमशुदगी की जांच से हाई कोर्ट नाराज
जयपुर। सिरसा के डेरा सच्चा सौदा से गायब हुई जयपुर की महिला को तलाशने के मामले में पुलिस की जांच पर राजस्थान हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है। आज इस मामले में महिला के पति कमलेश रैगर की याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश महेन्द्र माहेश्वरी ने मौखिक टिप्पणी करते हुए पुलिस अधिकारी से कहा कि अगर आप जांच नहीं कर सकते तो क्यों नहीं आपको अयोग्य घोषित कर आपको नौकरी से हटाने के निर्देश दे दिए जाएं? न्यायाधीश ने सवाल किया कि क्या अब पुलिस को जांच करना भी सिखाना होगा। इस मामले में जवाहर सर्किल थानाधिकारी राजेश सोनी अदालत मेें पेश हुए। महिला के पति कमलेश की ओर से एडवोकेट भीमसैन बैरवा ने पैरवी की। इस प्रकरण के तथ्यों के अनुसार कमलेश रैगर 24 मार्च 2015 को वह पत्नी व दो बच्चों के साथ सिरसा गया था। 29 मार्च को पत्नी गायब हो गई और डेरे के सेवकों से पूछने पर उन्होंने कहा कि पत्नी ध्यान में है।
साधना पूरी होने पर जयपुर आ जाएगी। पत्नी के नहीं आने पर 5 मई को उसने डेरा मुखी राम रहीम व अन्य के खिलाफ इस्तगासा पेश किया। कमलेश ने आरोप लगाया था कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने उनकी अनुयायी पत्नी को बहला फुसलाकर गायब कर दिया है। वह डेरे पर बार.बार पत्नी को तलाशने गयाए लेकिन उसे कोई नहीं मिलवा रहा। गौरतलब है कि पिछले साल पुलिस ने इस मुकदमे में एफआर लगा दी थी। इसके बाद गायब हुई महिला के पति कमलेश ने कोर्ट में प्रोटेस्ट याचिका दायर कर दी थी। अदालत ने एफआर को खारिज कर दिया और पुलिस को जांच कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा। पुलिस की छानबीन से असंतुष्ट कमलेश ने हाई कोर्ट में याचिका पेश की। जिस पर आज सुनवाई हुई। आगामी सुनवाई 7 दिसम्बर को होगी।