जहरीले हैं, खाना बनाने के ये तरीके

दिव्यांका अकसर यही सोचती है कि वह न सिर्फ स्वस्थवर्धक चीजें खाती है बल्कि नियमित एक्सरसाइज और पूरी नींद भी लेती है। बावजूद इसके उसका वजन घटता क्यों नहीं है आखिर समस्या कहां है
हल्का भुना हुआ
भुना हुआ खाना अकसर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसके पीछे एक वजह है कि इसका स्वाद बेहतरीन होता है। लेकिन आप कोई भी आहार भूनकर खाते हैं तो आपको बता दें यह अपनी प्राकृतिक पौष्टिकता खो देता है। यही नहीं इसमें टाक्सिन्स की मात्रा बढ़ जाती है जो कि स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।
बार्बीक्यू
सर्दी का मौसम हो और घर की छत पर बार्बीक्यू कर चिकन या कोई अन्य खाद्य पदार्थ खाया जाए। बेशक यह हमारा माहौल बेहतरीन बनाता है। मूड भी फ्रेश करता है। लेकिन आपको बता दें कि बार्बीक्यू कर इंज्वाय करते हुए आप कैंसर को न्यौता दे रहे हैं। दरअसल बार्बीक्यू करते हुए वसा और कोल एक दूसरे के संपर्क में आते हैं। इससे कैंसर जनक कारण उत्पन्न हो सकते हैं साथ प्रज्वलन जैसी समस्या भी जन्म ले सकती है। सो, इस विकल्प से जितनी जल्दी संभव हो तौबा करें।
डीप फ्राई
डीप फ्राई आलू, डीप फ्राई मछली आदि सभी आहार विशेष खाने में बेहद स्वादिष्ट लगते हैं। लेकिन डीप फ्राई आहार हमार स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। डीप फ्राई करने के चलते आहार विशेष में प्रोटीन सहित तमाम उपयोगी तत्व खत्म हो जाते हैं। यही नहीं डीप फ्राई कर कोई भी आहार खाने से कैंसर जनक तत्व हमारे शरीर में पैदा हो सकते हैं।
माइक्रोवेव
एक अध्ययन से इस बात का चला है थ्क माइक्रोवव किया हुआ आहार हमारे स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक हैं। सामान्यत: लोगों को माइक्रोवेव आहार नहीं खाने चाहिए। इससे एचडीएल, एलडीएल सहित व्हाईट ब्लड सेल में तब्दीलियां आती हैं।
प्रीजव्र्ड फूड
खानपान में प्रीजव्र्ड फूड को भी पकाने से बचना चाहिए। अकसर इस तरह के फूड कई कई दिनों तक प्लास्टिक के बैग में पैक होते हैं। प्लास्टिक के बैग में कई ऐसे तत्व होते हैं जो कि कैंसर के लिए जिम्मदेार हो सकते हैं। यही कारण है कि प्रीजव्र्ड फूड को लाने के बाद उसे पकाना या गर्म करना हमारे स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।