जेट सुखोई-30 रू्यढ्ढ पर पायलटों को नहीं है भरोसा

नई दिल्ली। भारत और रूस के बेहतर संबंधों के संकेत ने भारतीय वायुसेना की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। वायुसेना के अफसर सुखोई-30 एमकेआई की गुणवत्ता को लेकर परेशान हैं। सुखोई के फाइटर पायलट लड़ाकू विमान पर रुटीन उड़ान की ड्यूटी का मुश्तैदी से पालन करते हैं, लेकिन महज दस साल पुराने इस विमान के दुर्घनाग्रस्त होने की चिंता भी सताती रहती है। अफसरों को लगने लगा है कि आने वाले समय में सुखोई के स्पेयर पार्टस समेत इससे जुड़ी अन्य समस्याएं जल्द ही समाप्त हो जाएंगी और फाइटर पायलट बिना किसी हिचक के इस पर भरोसा कर सकेंगे। पूर्व वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल(रिट.) पीवी नाइक  का कहना है कि मौजूदा समय में भारत के पास सुखोई से बेहतर कोई फाइटर जेट नहीं है।