जेपी को जमा कराने होंगे 2 हजार करोड़ रुपये

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने जेपी इन्फ्राटेक मामले में दिवालिया कानून को प्रभावित किए बगैर मकान खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आज कई कदम उठाए। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ के पीठ ने दिवालिया प्रक्रिया पर रोक के पिछले हफ्ते के आदेश में संशोधन करते हुए अंतरिम निपटान पेशेवर (आईआरपी) को कंपनी के रिकॉर्ड हासिल करने की अनुमति दे दी।इससे पहले मकान खरीदारों के संगठन का प्रतिनिधित्व करते हुए पी चिदंबरम ने कहा था कि खरीदारों ने बैंकों से कहीं ज्यादा रकम का भुगतान किया है। उनका दावा था कि मकान खरीदारों का 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है और उन्हें वित्तीय कर्जदारों से ऊपर रखा जाना चाहिए। चिदंबरम ने कहा, ‘वर्तमान प्रक्रिया में खरीदारों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। हमें भी समाधान योजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।Ó