जेल में साहित्यिक होने लगा राम रहीम का जीवन

– डायरी मेें यादों को संजोने में जुटा है डेरा मुखी
रोहतक। रेप के दोषी गुरमीत राम रहीम की दिनचर्या भले ही अब शाही अंदाज वाली न रही हो लेकिन एक्टरए डायरेक्टर और मैसेंजर ऑफ गॉड जैसे किरदार खुद की बनाई फिल्मों में निभा चुके गुरमीत का जीवन अब साहित्यिक होने लगा है। गुरमीत ने जेल में रहते हुए अब डायरी लिखना शुरू कर दिया है। वो भी साइक्राइटिस्ट की सलाह पर। अपनी यादों को डायरी के पन्नों पर संजो रहा है.
जेल में बंद रहकर गुरमीत राम रहीम को अकेलापन काटने लगा तो उसने मनो वैज्ञानिक से सलाह ली। इसके बाद उसने जेल में अपनी शैली में ये बदलाव शुरू किया है। अब गुरमीत रोजाना की अपनी यादों को डायरी के पन्नों पर संजो रहा है। इस काम में वो इतना रम गया है कि अब सिर्फ सुबह या शाम को ही सेल से बाहर निकलता है। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले एक साहित्यिक बैकग्रांउड के आईजी जेल के साथ गुरमीत की मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात में आईजी ने गुरमीत के साथ काफी साहित्यिक ज्ञान बांटाऔर पुस्तकें पढऩे और अपनी शैली में बदलाव को लेकर भी बातचीत की। ये बात भी सामने आई है कि गुरमीत जेल के नंबरदारों से भी बातचीत नहीं करता है। व्यवस्था के बारे में बात करनी होती है तो वो सिर्फ जेल सुप्रींटेंडेंट से ही करता है। छुट्टी का दिन होने के चलते गुरुवार को बंदियों से फैमिली वाले नहीं कर सके। हालांकि डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम के जेल में होने के कारण कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया है। आईआईएम चौक पर सुनारिया मोड़ के पास लगाए गए पुलिस नाके पर लगातार चेकिंग की जा रही है। बिना जांच किए किसी भी वाहन को अंदर जेल परिसर तक नहीं जाने दिया जा रहा है।