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ठेके में गुजारी सारी रात

– आठ बजे के बाद बंद ठेेके से शराब बेचने का मामला
– आबकारी वाले सुबह आये, ताला खुलवाया, सेल्समैन काबू
श्रीगंगानगर। रात आठ बजे के बाद लाइसेंसशुदा शराब ठेकों से ही शराब बिकती है। किसी ठेके की दीवार में सुराख से शराब बिकती है, तो कहीं शटर के नीचे से ग्राहकों को देर रात तक शराब उपलब्ध करवाई जाती है। केवल दिखावे के तौर पर आठ बजे के बाद ठेके का शटर बंद कर दिया जाता है। लम्बे समय से इसी तरीके से निर्धारित दामों से अधिक दाम पर पियक्कड़ों को शराब बेची जाती है, लेकिन पुलिस व आबकारी के अफसर रिश्वतखोरी के चलते आंखे बंद रखते हैं। बीती रात अचानक एएसपी सुरेन्द्र सिंह व उनकी टीम को अचानक याद आया कि शिव चौक के निकट शराब ठेके पर आठ बजे के बाद शराब बिक रही है।
एएसपी व उनकी टीम के पहुंचते ही शराब की बिक्री बंद हो गई। शराब खरीदने पहुंचे लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया। यह कार्रवाई शिव चौक के निकट शनि मंदिर के निकट स्थित दीपक अग्रवाल के शराब ठेके पर की गई। ठेके के भीतर सेल्समैन राजकुमार अरोड़ा पुत्र रामचन्द्र अरोड़ा निवासी श्रीविजयनगर था। पुलिस अधिकारियों ने ठेका खुलवाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उसने शटर नहीं खोला। पुलिस के तैनात होने पर आठ बजे के बाद बिकने वाली शराब की बिक्री प्रभावित हुई। न चाहते हुए भी पुलिस ने रात आठ बजे के बाद ठेकों पर शराब की बिक्री बंद करवा दी। सेल्समैन राजकुमार ने पूरी रात ठेके के भीतर ही गुजारी। आज सुबह करीब  करीब 11 बजे आबकारी विभाग का निरीक्षक मौके पर पहुंचा और शटर खुलवाकर सेल्समैन राजकुमार को बाहर निकाला। इस पर कोतवाली पुलिस थाना के एएसआई भगवान मीणा मौके पर पहुंचे और राजकुमार अरोड़ा को लेकर पुलिस थाना में आ गये। समाचार लिखे जाने तक उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था।
गौरतलब है कि पुरानी आबादी, जवाहरनगर, कोतवाली व सदर पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित शराब ठेकों पर रात आठ बजे के बाद शटर के नीचे से सरेआम शराब बिकती है। इस संबंध में संबंधित पुलिस थाना में शिकायत करने पर बंधी एकत्रित करने वाला पुलिस कर्मी ठेकेदार को फोन करके शराब की बिक्री बंद करने की गुजारिश करता है। ऐसे में अवैध रूप से बिकने वाली शराब पर पाबंदी कैसे लगेगी।




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