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तांत्रिक महिला ने चढ़ा दी मासूम पोते-पोती की बलि

– अंध विश्वास की पराकाष्ठा : पहले बुरी तरह पीटा, फिर लगा दिया करंट
बठिंडा। तंत्र-मंत्र के चक्कर में गांव कोटफत्ता में एक महिला ने बेटे के साथ मिलकर अपने 5 साल के पोते और 3 साल की पोती की बलि दे दी। बच्चों की मां विरोध करती रही, लेकन उसे पीटकर कमरे में बंद कर दिया। कोटफत्ता पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। कोटफत्ता की निर्मल कौर और उसका बेटा कुलविंदर सिंह दोनों तांत्रिक हैं और उनके अन्य तांत्रिकों के साथ संबंध हैं। तांत्रिक अक्सर उनके घर आते जाते रहते थे क्योंकि महिला खुद को एक शक्ति समझती थी। उसका बेटा कुलविंदर उसका भगत बना हुआ था और दोनों मिलकर तंत्र विद्या के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाते थे।
जैसे-जैसे मां कहती गई, बेटा अपने बच्चों को मारता गया। मंगलवार रात तांत्रिक महिला निर्मल कौर (55) ने सिद्धि प्राप्त करने का एलान किया और इसके लिए बच्चों की बलि देने की योजना बनाई। इस काम के लिए उसने अपने बेटे के साथ मिलकर पोता-पोती को चुना। साथ ही सभी को भरोसा दिया कि वह बलि लेने के बाद बच्चों को जिंदा कर देगी। इस बात का पता बच्चों की मां को चला तो उसने इसका विरोध शुरू कर दिया, लेकिन उसके पति ने एक न सुनी और उसे पीटकर एक कमरे में बंद कर दिया। उधर, निर्मल कौर का आदेश मिलते ही उसका बेटा कुलविंदर सिंह (32) अपने 5 साल के बेटे रणजोध सिंह व 3 साल की बेटी अनामिका को ले आया और मां के सामने लिटा दिया। इसके बाद मंत्रों का जाप करना शुरू कर दिया और फिर दोनों बच्चों को बेरहमी से थप्पड़ और लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया। बच्चों की मां कमरे में चिल्लाती रही, लेकिन उसकी चीख किसी ने नहीं सुनी। लगातार पिटाई के कारण दोनों बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद मां ने आदेश दिया कि दोनों बच्चों को करंट लगाओ। अंध विश्वास में अंधे हो चुके कुलविंदर सिंह ने दोनों बच्चों को करंट लगाया, इससे बच्चों की मौत हो गई।
इसके बाद बच्चों को जिंदा करने के लिए मां के आदेश पर बेटे ने ट्यूबलाइट व बल्ब तोड़े और बच्चों के मुंह में कांच भी डाले, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दौरान लगातार बच्चों की मां के चीखने की आवाजें आने के बाद गांव के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना को सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। इस दौरान पूरा गांव इक_ा हो गया।