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तीर्थ पर जा रहे भक्त अपने साथ भगवान का भी ले रहे बस टिकट

आगरा। भक्ति भाव की भूखी होती है। भगवान में अटूट आस्था रखने वाले लोग एक पल के लिए भी अपने आराध्य से दूर रहना नहीं चाहते। तीज त्योहार पर तीर्थ स्थलों पर जाते समय वे आराध्य की मूर्ति भी साथ ले जाते हैं। सफर के दौरान उन्हें कोई परेशानी न हो, इसके लिए वे उनका पूरा टिकट भी लेते हैं। अपने आराध्य को साथ लेकर गंगा स्नान ले जाने वालों की संख्या पूर्णिमा, अमावस्या पर अधिक होती है। सबसे ज्यादा सोरों, कलकत्ती-नरौरा, हरिद्वार रूट पर ऐसे यात्री मिलते हैं। मथुरा-वृंदावन रूट पर भी बीच-बीच में ऐसे यात्री मिलते हैं। ईदगाह डिपो के सहायक यातायात निरीक्षक सत्यनारायन शर्मा ने बताया कि सबसे ज्यादा राजस्थान और मध्यप्रदेश से आने वाली बसों में ऐसे यात्री मिलते हैं। परिचालकों ने बताया कि लोग अपने देवी-देवताओं की टिकट लेते हैं और उन्हें पूरी सीट देते है। जब बस में सीट नहीं होती तो खड़े रहने वाले यात्री देवी-देवताओं को हटाने की बात करते हैं। इन्कार पर यात्रियों में बहस तक हो जाती है। यातायात अधीक्षक भूप सिंह बताते हैं कि चेकिंग के दौरान उन्हें ऐसे यात्री मिलते हैं, जो अपनी श्रद्धा से अपने देवी-देवताओं की टिकट लेते हैं। उनका मानना होता है कि उनके आराध्य उनके लिए खास हैं और उन्हें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।