तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती मामला, जिला परिषद में जांच शुरू

– छुट्टी के दिन भी एसीईओ व पंचायत प्रसार अधिकारियों ने किया कार्य
– 10 दिनों में जांच होगी पूरी
श्रीगंगानगर। तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती मामले में जिला परिषद ने आज जांच शुरू कर दी है। सोमवार को अवकाश का दिन होने के बावजूद मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती रचना भाटिया व पंचायत प्रसार अधिकारी धर्मपाल मौर्य, सहायक प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप भाटी, मनोज कुमार, सुशील डागला ने इस भर्ती परीक्षा में अनुभव प्रमाण पत्रों को लेकर हुई शिकायत की जांच की। सभी फाइलों में जिन आवेदन कर्ताओं ने निजी स्कूलों से दो साल का अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था, उसको देखा जा रहा है।
एसीईओ ने बताया कि अनुभव प्रमाण पत्र का रिकॉर्ड जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक एवं माध्यमिक दोनों से ही लिया था। इसलिए अब इसकी विधिवत जांच शुरू कर दी गई है। लगभग 10 दिनों में यह कार्य पूरा हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती मामले में अनेक लोगों ने पहले शिकायत की थी कि निजी स्कूलों के जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाए गए हैं, वो सही नहीं है। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि अनुभव प्रमाण पत्र में भारी गडबडियां की गई हैं।
कुछ आवेदनकर्ता तो निजी स्कूलों में गए ही नहीं और उन्होंने प्रमाण पत्र हासिल कर लिया, वहीं कईयों ने एक साल पढ़ाया और दो साल का प्रमाण पत्र लेकर इस भर्ती परीक्षा में शामिल हो गए। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि ऐसे अनेक अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने गडबडियां की और आज वे शिक्षक भी लग गए हैं। इस पूरे मामले की जांच में समय तो लगेगा, लेकिन कार्यवाही शिक्षकों पर नहीं हो सकेगी, क्योंकि बाद में कोर्ट ने इस सम्बंध में आदेश जारी किए थे, वहीं इस मामले में आवेदनों की जांच करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही हो सकती है क्योंकि जिस समय आवेदन लिए गए, उनकी जांच सही क्यों नहीं की गई? पिछले काफी समय से यह मामला कागजों में ही पढ़ा था। उस समय जिला परिषद के सीईओ नवनीत कुमार थे, जो आजकल संयुक्त सचिव शिक्षा हैं।