दमकल की गाड़ी में पुराना इंजन लगा कर भुगतान उठाने के मुकदमे में समझौते के प्रयास

– थानेदार बोला- ऊंचे लेवल का है मामला, जैसे निर्देश मिलेंगे, कार्रवाई कर देंगे
हनुमानगढ़। नगर परिषद की दमकल गाड़ी में पुराना इंजन लगा कर नये इंजन की राशि का भुगतान प्राप्त करने के मामले में समझौते के प्रयास चल रहे हैं। श्रीगंगानगर के बंशीधर जिन्दल की फर्म जीडी ऑटो मोटर्स (अशोक लीलैंड के डीलर एवं सर्विस सेंटर) के संचालकों व नगर परिषद के अधिकारियों के बीच वार्ताओं का दौर चल रहा है। ऑन रिकॉर्ड गबन होने के बावजूद जांच अधिकारी एएसआई रामभज ने जानबूझ कर आंखें मूंद रखी हैं। पिछले दिनों नगर परिषद के अग्निशमन अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने दमकल गाड़ी में पुराना इंजन लगा कर नये इंजन का भुगतान उठाने के आरोप में टाउन थाने में बीडी जिन्दल की फर्म जीडी ऑटो मोटर्स के खिलाफ पांच लाख रुपए की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया। जांच अधिकारी एएसआई रामभज ने बताया कि इस मामले में आरोपी फर्म से संबंधित रिकॉर्ड हासिल कर लिया। फर्म व नगर परिषद के बीच हुए एग्रीमेंट की प्रतिलिपि भी हासिल हो गई है।
रामभज के अनुसार जांच में सामने आया कि दमकल की गाड़ी में नया इंजन लगाना बताया गया था। भुगतान भी नये इंजन का प्राप्त किया। इस प्रकरण से संबंधित काफी सबूत मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें पता चला कि आरोपी फर्म व नगर परिषद के बीच इस मामले में समझौते के प्रयास चल रहे हैं। दमकल की गाड़ी में पुराना इंजन लगा कर भुगतान उठाने के सबूत मिलने के सवाल पर जांच अधिकारी रामभज ने बताया कि अभी जांच चल रही है। यह ऊंचे लेवल का मामला है। एक तरफ नगर परिषद है, तो दूसरी तरफ श्रीगंगानगर की बड़ी फर्म। उच्चाधिकारियों से जैसे निर्देश मिलेंगे, वैसी कार्रवाई कर दी जायेगी। धोखाधड़ी के मुकदमे को करीब दो माह हो जाने के सवाल पर जांच अधिकारी एएसआई रामभज ने कहाकि वह अवकाश पर चले गये थे, इस कारण मुकदमे की जांच में देरी हो गई।
कानून का डंडा केवल आदमी पर
कानून का डंडा केवल आम आदमी पर चलता है। अगर आपके पास पैसा है और अप्रोच है, तो पुलिस थाने में मुकदमा चाहे कैसा भी हो, पुलिस आपका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती। दमकल गाड़ी के मामले मेें जीडी ऑटो मोटर्स ने पुराना इंजन लगा कर नये इंजन की कीमत पांच लाख रुपए वसूल कर लिए। इसके बावजूद जांच अधिकारी एएसआई रामभज जांच के नाम पर लीपापोती कर रहे हैं। आरोपी फर्म के संचालक रसूखदार होने के कारण पुलिस ने राजीनामा करने का समय दे रखा है।
यही मुकदमा अगर किसी आदमी के खिलाफ होता, तो जांच अधिकारी बड़े सवेरे आरोपी के घर दबिश देता और उठा कर थाने ले जा हवालात में डाल देता।