दवाओं में है इंटरेस्ट तो करें ये कोर्स

अगर आपको दवाएं पसंद हैं यानी आपको दवाओं के बारे में जानकारी रखना अच्छा लगता है और आप नई-नई दवाओं के बारे में जानते रहते हैं, तो करियर का बेहतरीन स्कोप है आपके लिए। जी हां, फार्मासूटिकल्स में आप करियर बनाकर अच्छा कमा सकते हैं। यहां नई-नई दवाइयों की खोज व विकास संबंधी कार्य किया जा सकता है। तो अगर आपको जरा भी इंटरेस्ट हो और झट से पैसा कमाने की ललक हो, तो इस क्षेत्र में करियर बनाएं। शैक्षणिक योग्यता बारहवीं के बाद आप इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
क्या हैं कोर्सेस
-डिप्लोमा इन फार्मेसी (डीफार्मा) यह दो साल का डिप्लोमा कोर्स है। बारहवीं के बाद आप इसे कर सकते हैं।
-बैचलर ऑफ फार्मेसी (बीफार्मा) यह चार साल का अंडरग्रैजुएट कोर्स है। बारहवीं के बाद चार साल के इस कोर्स को आप करके इसमें करियर बना सकते हैं।
-बैचलर ऑफ फिजियोथेरपी (बीपीटी) यह चार साल ग्रैजुएशन कोर्स है। इसके साथ ही छह माह की जरूरी क्लिनिकल इंटर्नशिप भी करनी होती है।
-मास्टर ऑफ फार्मेसी (एमफार्मा) यह दो साल का पोस्टग्रैजुएट कोर्स है। इसे बीफार्मा के बाद किया जाता है। पर्सनल इंटरेस्ट अब जामाना गया जब आप कुछ गिने-चुने सेक्टर में करियर बनाते थे। आज स्कोप बहुत है। आप चाहें, तो भरपूर पैसा कमा सकते हैं। इसके लिए आपका पर्सनल इंटरेस्ट होना बहुत जरूरी है। फर्मेसी सेक्टर में आगे बढऩे के लिए बहुत जरूरी है कि आपको लाइफ साइंस व दवाइयों के प्रति जानकारी और नई जानकारी लेने में दिलचस्पी हो। इससे जुड़े नए-नए रिसर्च और जानकारी के बारे में आपको पढऩा और जानना अच्छा लगता हो। इन सबके अलावा बातचीत करने का बेहतर और आसान जरिया आपको आना चाहिए। रोजगार के अवसर इस कोर्स को करने के बाद आपके सामने बहुत स्कोप रहता है।
हॉस्पिटल फार्मेसी, क्लिनिकल फार्मेसी, टेक्निकल फार्मेसी, रिसर्च एजेंसीज, मेडिकल डिस्पेंसिंग स्टोर, सेल्स ऐंड मार्केटिंग डिपार्टमेंट, एजुकेशनल इंस्टिट्यूट्स, हेल्थ सेंटर्स, मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव, क्लिनिकल रिसर्चर, मार्किट रिसर्च ऐनालिस्ट, मेडिकल राइटर, ऐनालिटिकल केमिस्ट, फार्मासिस्ट, ऑन्कॉलजिस्ट, रेग्युलेटरी मैनेजर के तौर पर आप कर सकते हैं और खूब पैसा कमा सकते हैं।