दिव्यांग युवती से 20 दिन तक सामूहिक दुष्कर्म

– एक सप्ताह पहले मामला दर्ज लेकिन पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
श्रीगंगानगर। एक दिव्यांग युवती से श्रीगंगानगर के देवनगर मोहल्ले में दिव्यांग युवती से 20 दिन तक सामूहिक दुष्कर्म की घटना प्रकाश में आई है7 हालांकि पुलिस ने एक सप्ताह पहले इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। पीडि़त युवती ने आज टीवी चैनलों पर अपनी व्यथा सुनाई तो पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने विजयनगर में पीडि़ता का मेडिकल मुआयना करवाया है।
पुलिस ने गत दिनों 19 वर्षीय पीडि़ता की रिपोर्ट पर दुष्कर्म और दुष्कर्म में सहयोग करने के आरोप में शशिकुमार मेघवाल, शशिकुमार की बहन रेणु, गांव बिलौचिया निवासी बूटा ङ्क्षसह, मोनिका, पूनम मेघवाल के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। मुकदमे की जांच रायङ्क्षसहनगर के पुलिस उप अधीक्षक आनन्द स्वामी को सौंपी गई है।
पीडि़ता ने मीडिया को बताया कि रेणू, मोनिका व पूनम निवासी गंगूवाला उसकी सहेलियां हैं। वह श्रीविजयनगर में कोचिंग सेंटर में कोचिंग लेने जाती है। गत दिवस वह कोचिंग से बाहर निकली तो रेणू व उसका भाई शशि उसे मोटरसाइकिल पर बैठा कर गांव बिलौचिया में बूटा ङ्क्षसह के घर ले गये। रेणु ने उसे बताया था कि उसकी मां ने उसे बुलाया है। बूटा सिंह ने एक रात उसे अपने घर में रखा और दुष्कर्म किया।
आरोप है कि अगले दिन शशि ने उसे श्रीगंगानगर के देवनगर में भेज दिया। वहां करीब बीस दिनों तक उसे नशीली गोलियां खिला कर वहां भी उसके साथ दुष्कर्म होता रहा। पीडि़ता ने पत्रकारों को बताया कि छह माह पूर्व उसकी व उसकी बहन की शादी एक ही घर में हुई लेकिन ससुरालवालों ने दोनों को मारपीट करके घर से निकाल दिया।
युवती ने बताया कि दुष्कर्म होने पर उसने विजयनगर पुलिस थाने में परिवाद दिया था, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इस पर उसने जरिए इस्तगासा विजयनगर थाना में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया।
इस मामले में जानकारी चाहने के लिए पुलिस उप अधीक्षक आनन्द स्वामी से मोबाइल पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका। श्री विजयनगर पुलिस थाना प्रभारी फूलचंद शर्मा से सम्पर्क करने पर उनका मोबाइल फोन ऑफ मिला।