– 200 करोड़ रुपए से ज्यादा है ऑनलाइन सट्टा कंपनी का सालाना टर्नओवर – 15 देशों में फैला है कारोबार इंदौर। मध्यप्रदेश पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए सट्टा संचालित करने वाले देश के सबसे बड़े सट्टा किंग रमेश चौरसिया को मुंबई से गिरफ्तार किया. 36 साल से सट्टे की दुनिया में सक्रिय रमेश चौरसिया ..." />
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देश का सबसे बड़ा सट्टा किंग गिरफ्तार

– 200 करोड़ रुपए से ज्यादा है ऑनलाइन सट्टा कंपनी का सालाना टर्नओवर
– 15 देशों में फैला है कारोबार
इंदौर। मध्यप्रदेश पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए सट्टा संचालित करने वाले देश के सबसे बड़े सट्टा किंग रमेश चौरसिया को मुंबई से गिरफ्तार किया. 36 साल से सट्टे की दुनिया में सक्रिय रमेश चौरसिया की ऑनलाइन सट्टा कंपनी का सालाना टर्न ओवर 200 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
इंदौर क्राइम ब्रांच के एएसपी अमरेंद्र सिंह के अनुसार, आरोपी रमेश चौरसिया ने पूछताछ में बताया कि उसकी गेम किंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी है. इस कंपनी का साम्राज्य
दुनिया के 15 देशों के अलावा भारत के
सात राज्यों में फैला हुआ है. 36 साल से सट्टे में सक्रिय रमेश चौरसिया की कंपनी का सालाना टर्नओवर अब 200 करोड़ के पार पहुंच गया है।
रमेश ने बताया कि उसने ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार करवाया था, जिसमें ग्राहक का हारना तय होता था. कंपनी एजेन्ट को नियुक्त कर मास्टरआईडी दे देती थी, जिसमें ग्राहकों द्वारा रोजाना 5 करोड़ से अधिक का सटटा लगाया जाता है।
कौन है रमेश चौरसिया?
रमेश चौरसिया की गिरफ्तारी पर इंदौर पुलिस ने 20 हजार रुपए के इनाम घोषित किया था. मध्यप्रदेश सहित देश के सात राज्यों में उसके खिलाफ केस दर्ज है.  रमेश ने 1976 में बीकॉम प्रथम वर्ष तक हिन्दुजा कॉलेज मुम्बई से शिक्षा प्राप्त की थी. वह 1981 में छोटा सा स्कूल चलाता था. इस दौरान बच्चों को गेम खिलाने लगा. भीड़ बढऩे लगी तो उसने रुपए का लेन-देन शुरु कर दिया. कुछ सालों बाद खुद का सॉफ्टवेयर तैयार किया और 1996 में चौरसिया लीसिंग एंड फाइनेंस प्रा.लि. कंपनी खोल ली. इस कंपनी से उसने करोड़ो रुपए कमाए. कुछ समय बाद रिकनेक्ट टेक्नोलॉजी और गेम प्रा.लि. कंपनी रजिस्टर्ड कराई. इन कंपनियों में 200 करोड़ का ट्रांजेक्शन हो चुका है।
ऐसे संचालित होता था सट्टा
एरिया मैनेजर को आरोपी द्वारा नियुक्त किया जाता था. एरिया मैनेजर दुकानदारों को क्लाइंट आईडी बनाकर देते हैं. इस आईडी के माध्यम से 1 रुपए का 1 पांइट के हिसाब से बेचा जाता है. एरिया मैनेजर दुकानदारों को क्लाइंट आईडी देते है और दुकानदार गेम खेलने वाले कस्टमरों को प्वाइंट देते हैं.  कस्टमर दुकानदार के सिस्टम या मोबाइलों पर सॉफ्टटवेयर अपलोड कर उन्हें गेम खिलाते थे. इस गेम में कस्टमर से हार-जीत होती है. उसमें जीत की राशि में 10 प्रतिशत एरिया मैनेजर को 50 दुकानदारों का दिया जाता है। यदि कस्टमर जीतता है तो उसकी जीत का पैसा एरिया मैनेजर देगा और हारता तो दोबारा प्वाइंट खरीदना पड़ते थे।

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