नए साल में मिलेगा ‘मुफ्त प्रयोगशाला जांच सेवाÓ का तोहफा

– जिला राजकीय चिकित्सालय में उपलब्ध होगी सुविधा
श्रीगंगानगर। सरकारी चिकित्सा संस्थानों में नि:शुल्क उपचार और दवा योजना के बाद राज्य सरकार रोगियों को नि:शुल्क जांच सुविधा दे रही है। नए साल में रोगियों को ‘मुफ्त प्रयोगशाला जांच सेवाÓ का लाभ मिल सकेगा। जिला राजकीय चिकित्सालयों मेें 36 तरह की जांच नि:शुल्क करवाने की शुरुआत 1 जनवरी 2018 से हो रही है।
चिकित्सालय प्रबंधन के अनुसार प्राइवेट लैब के सहयोग से रोगियों को 36 तरह की जांचों के लिए ‘मुफ्त प्रयोगशाला जांच सेवाÓ उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए पीपीपी मोड पर राज्य सरकार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और कृष्णा डायग्नोस्टिक प्रालि. के बीच अनुबंध हुआ है।
जांच संबंधी कार्य के लिए आवश्यक उपकरण सहित अन्य संसाधन लैब ही लगाएगी। जिला चिकित्सालय में संचालित हीमोफीलिया रिलीफ सोसायटी के अध्यक्ष मोहित शर्मा ने बताया कि 1 जनवरी से रोगियों को जिन जांचों की नि:शुल्क सुविधा मिलेगी, उनमें से कुछ तो बेहद महंगी हैं। मसलन हीमोफीलिया प्रोफाइल (फैक्टर 8 और 9) व थैलीसीमिया प्रोफाइल बाइ एचपीएलसी संबंधी जांच का खर्च प्राइवेट हॉस्पिटल्स् में 4 से 5 हजार रुपए है। इसके सहित 34 तरह की अन्य जांचों को करवाने पर भी काफी खर्चा होता है, लेकिन कुछ दिनों के बाद जिला चिकित्सालय में ‘मुफ्त प्रयोगशाला जांच सेवाÓ के तहत 36 तरह कह जांचें नि:शुल्क हो सकेेंगी।
नि:शुल्क दवा-उपचार के बाद जांच के लिए ‘मुफ्त प्रयोगशाला जांच सेवाÓ की शुरुआत कर सरकार ने रोगियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत दी है। जिला चिकित्सालय में नए साल में 1 जनवरी से ‘मुफ्त प्रयोगशाला जांच सेवाÓ की शुरुआत कर दी जाएगी।
डॉ. सुनीता सरदाना, पीएमओ, श्रीगंगानगर