नर्सरी में प्रवेश के लिए तय होगी उम्र

नईदिल्ली। इस साल नर्सरी गाइडलाइन्स में कुछ सुधार होने जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों में अब प्रवेश के लिए अपर एज लिमिट तय की जाएगी। इसका मतलब है कि नर्सरी में पढऩे के लिए बच्चे की उम्र तीन से चार के बीच होगी, चार से पांच साल का बच्चा केजी और पांच से छह साल का बच्चा क्लास फस्र्ट में पढ़ेगा। दिसंबर 2015 में दिल्ली सरकार के डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन ने एक एक्सपर्ट कमिटी की सलाह पर अपर एज लिमिट तय की थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने बीते साल फरवरी में स्टे लगा दिया था। एनजीओ सोशल जूरिस्ट ने इस मामले में फिर से अपील दायर की थी जिसमें हाईकोर्ट बेंच ने अपर एज लिमिट को सही ठहराया।
एनजीओ से जुड़े खागेश झा ने बताया कि 30 अक्टूबर को फैसला आ गया था जिसमें 2015 में एक्सपर्ट कमिटी की तरफ से बताई गई गाइडलाइन के हिसाब से एज लिमिट तय की गई थी। उन्होंने बताया, ‘जो कमिटी बनी थी उसने सोसायटी के उस सेक्शन का खयाल नहीं रखा था जहां बच्चों को पांच साल की उम्र तक स्कूल नहीं भेजा जाता।Ó
लेकिन 30 अक्टूबर को दिए फैसले में ऐसे बच्चों को दो साल की राहत दी गई है। इसमें तीन से पांच साल नर्सरी, चार से छह साल केजी और पांच से सात साल के बच्चे का क्लास फस्र्ट में एडमिशन होगा। अपर एज लिमिट को हास्यास्पद बताते हुए ऑल इंडिया पैरंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल कहते हैं, ‘इस तरह से जनरल कैटिगरी और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के बीच भेदभाव क्यों कुछ भी हो, एक बच्चा तो बच्चा है।Ó एक इंटरनैशनल स्कूल के प्रिंसिपल कहते हैं कि एक ही क्लास में दो साल के अंतर वाले छात्रों की क्षमताओं में फर्क होता है। कैसा लगेगा जब 11 या 12 क्लास में 18 साल का बच्चा बैठे या ऐसी प्रतियोगी परीक्षाओं का क्या जिसमें एज लिमिट होती है।