निषेधाज्ञा तोड़ी, आवासीय कॉलोनी के पास डाला पड़ाव

– दो हजार से अधिक जवानों ने थर्मल को घेरा
– सम्भागीय आयुक्त, आईजी, कलक्टर, एसपी सहित सभी आला अधिकारी मौके पर
श्रीगंगानगर। ऐटा-सिंगरासर माइनर के निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष समिति द्वारा आज प्रस्तावित थर्मल ठप के कार्यक्रम के तहत हजारों की संख्या में किसान मजदूरों ने थर्मल की ओर कूच करते हुए निषेधज्ञा तोड़ दी। पुलिस के भारी लवाजमे को धत्ता बताते हुए किसानों ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रात को ही किसानों ने रणनीति बनाते हुए पैदल ही गांवों से निकले और टोलियों के रूप में एक जगह इकट्ठे हो गये, जहां से भारी संख्या में किसान थर्मल की ओर चले तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गये। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से दो हजार से अधिक जवानों को थर्मल की सुरक्षा के लिए लगाया है। वहीं महिला पुलिस बल भी तैनात रहा, लेकिन किसानों ने थर्मल के चारों ओर एक किलोमीटर के दायरे में लगाई गई धारा 144 को तोड़ दिया और काफी संख्या में किसान थर्मल की आवासीय कॉलोनी के गेट के पास पहुंच गये, जहां किसानों को अन्दर नहीं जाने दिया गया। यहां पुलिस ने इन किसान नेताओं और लोगों को रोक लिया। इस कारण सभी किसान महिला पुरुष वहीं पड़ाव डालकर बैठ गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इस मौके पर माकपा के पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, पूर्व विधायक गंगाजल मील, पूर्व जिला प्रमुख पृथ्वी मील, माकपा नेता श्योपतराम मेघवाल, कालू थोरी, राकेश बिश्नोई आदि नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसान अपना हक लेकर रहेंगे। सरकार बार-बार गुमराह कर रही है।
वार्ता के लिए बुलाया: दोपहर को सभी किसान नेताओं को जिला प्रशासन ने थर्मल के रेस्ट हाउस में वार्ता के लिए बुलाया है। प्रशासन ने कहा है कि बातचीत से समस्या का समाधान हो सकता है। प्रशासन भी टकराव नहीं चाहता है। आज सुबह एक बार तो तनातनी का माहौल बन गया था। जैसे ही किसानों ने धारा 144 तोड़ी तो पुलिस हरकत में आई, लेकिन समय की नजाकत और किसानों की भीड़ को देखते हुए पुलिस कोई भी कदम नहीं उठा सकी। दोपहर बाद किसान नेता जिला प्रशासन से वार्ता करेंगे।