नेताओं-अफसरों को बचाएगा राजे सरकार का नया बिल

– आसान नहीं होगा शिकायत दर्ज कराना
नई दिल्ली। आमजन को नौकरशाहों के रवैये के कारण हमेशा ही मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन राजस्थान की वसुंधरा सरकार आम आदमी की मुश्किलों में इजाफा करते हुए एक सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में एक बिल लेकर आ रही है। इसके अनुसार पूर्व व वर्तमान जजों के साथ सरकारी कर्मचारियों की शिकायत करना आसान नहीं होगा।
बिल के मुताबिक इन लोगों के खिलाफ पुलिस या कोर्ट में शिकायत करने के लिए सरकार की अनुमति लेनी होगी। ड्यूटी के दौरान यदि सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कोई शिकायत की जाती है तो उसके खिलाफ सरकार की अनुमति केे बिना कोई एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती। वहीं इस नए बिल में 180 दिन की समयावधि भी रखी गई है।
इसके अनुसार शिकायत होने के बाद सरकारी कर्मचारी या अन्य लोगों के खिलाफ सरकार 180 दिन में निर्णय लेगी। तय समयावधि के बाद अगर कोई निर्णय नहीं आता है, तो सबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोर्ट के जरिए ही रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है। वहीं बिल के तैयार मसौदे के अनुसार यदि सरकार की स्वीकृति से पूर्व आरोपी कर्मचारी या अधिकारी का नाम मीडिया रिपोट्र्स में आता है, तो ऐसे मामलों में दो वर्ष की सजा का प्रवाधान है। मीडिया रिपोट्र्स में आरोपी का नाम सरकार की अनुमति के बाद ही आ सकता है।