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पक्षपात के साथ नगरपरिषद ने की कार्रवाई

– दो मैरिज पैलेस किये सीज
– बकाया उपभोग शुल्क नहीं चुकाने का मामला
श्रीगंगानगर। कईं वर्षांे से उपभोग शुल्क नहीं चुकाने वाले मैरिज पैलेसों को सीज करने का अभियान नगरपरिषद ने शुरू कर दिया है। बुधवार सुबह सुखवंत पैलेस व गौरव पैलेस पर कार्रवाई करते हुए इस अभियान की शुुरूआत की गई।
दोनों विवाह स्थलों की ओर लाखों रुपये उपभोग शुल्क बकाया बताया जा रहा है। पैलेस सीज करने की कार्रवाई तो कर ली गई, लेकिन इसके बारे मेें जानकारी देने से अधिकारी बचते रहे। दो पैलेस सीज किये जाने के कारण नगरपरिषद पर पक्षपात के आरोप भी लग रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि सभी मैरिज पैलेस संचालकों को नोटिस जारी नहीं कर कुछ ही को निशाना बनाया जा रहा है।
नगरपरिषद आयुक्त के निर्देश पर राजस्व अधिकारी मिलखराज चुघ के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधिकारी नरेश झोरड़, पैरोकार प्रेम चुघ, कनिष्ठ अभियंता वेद सहारण, वरिष्ठ लिपिक विनोद कुमार, सफाई निरीक्षक सुमित फुटेला आज सुबह साढ़े 7 बजे सूरतगढ़ रोड पर स्थित गौरव पैलेस सीज करने की कार्रवाई की गई। पैलेस की ओर 14 लाख 83 हजार 521 रुपये उपभोग शुल्क बताया जा रहा है। मौके पर पैलेस मालिक गौरव मोंगा ने यूआईटी एरिया में पैलेस होना बताकर कार्रवाई पर ऐतराज भी जताया था। इस पर अधिकारियों ने उपभोग शुल्क की वसूली नगरपरिषद के द्वारा ही किये जाने और इस सम्बंध मेें परिषद की ओर से पिछले कईं वर्षांे के दौरान जारी नोटिसों का जवाब नहीं दिये जाने को आधार बताया। बाद में यह दल पुरानी आबादी स्थित सुखवंत पैलेस पहुंचा और सीजर की कार्रवाई की। सुखवंत सिनेमा की ओर 9 लाख 63 हजार 590 रुपये उपभोग शुल्क बकाया बताया जा रहा है। फिलहाल यह पैलेस विजय जोग ने ठेके पर ले रखा है। पैलेस मालिक पंजाब के बताये जा रहे हैं।
दो पैलेसों को सीज किये जाने की खबर से बाकी पैलेस संचालकों मेें भी खलबली मच गई। अपने पैलेस बचाने के लिए पैलेस मालिकों ने भाजपा व कांग्रेस के नेताओं से फोन करवाने शुरू कर दिये हैं। सुबह सीज किये गये दोनों पैलेसों के मालिक भी अपनी-अपनी पार्टी के नेताओं से सिफारिश करवा रहे हैं।
नहीं की सुनवाई: गौरव पैलेस यूआईटी क्षेत्र मेें आता है। ऐसे में नगरपरिषद पर गलत कार्रवाई के आरोप लगाये जा रहे हैं। पैलेस मालिक गौरव मोंगा का कहना है कि दो दिन पहले ही उन्हें नगरपरिषद की ओर से नोटिस मिला था। कल वे इस मामले में आयुक्त सुनीता चौधरी से भी मिले और पैलेस यूआईटी एरिया में होना बताया।
गौरव का कहना है कि आयुक्त ने गौरव पैलेस के मामले में दो-तीन दिन के बाद निर्णय का भरोसा दिलाया था, लेकिन आज सुबह बिना सूचना के अचानक पैलेस सीज कर दिया गया।
गौरव का यह भी कहना है कि पूर्व में कुछ पैलेस संचालकों से 5 रुपये वर्गमीटर के हिसाब से शुल्क वसूल किया गया था, जबकि अब 25 रुपये के हिसाब से डिमांड की जा रही है। गौरव ने यूआईटी एरिया के अन्य 10 पैलेस भी सीज किये जाने की मांग की है।
छुपते रहे आरओ मिलखराज: गौरव व सुखवंत पैलेस सीज करने की कार्रवाई के बाद प्रभारी अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी मिलखराज चुघ मीडिया को जानकारी देने से बचते रहे। बताया जा रहा है कि पैलेस सीज करने के बारे मेें पूछे जाने पर कल मिलखराज चुघ ने आयुक्त को नियमों की जानकारी नहीं होना बताकर पीछा छुड़ाने का प्रयास किया था।
बाद में उन्होंने साजिशाना तरीके से सुखवंत व गौरव पैलेस से सयीजर की कार्रवाई शुरू करने की राय आयुक्त को दी। इनमें से एक पैलेस कांग्रेस नेता के करीबी व दूसरा भाजपा नेता के रिश्तेदार का बताया जा रहा है। मिलखराज को पता था कि दोनों पैलेसों को सीज करने के बाद नेताओं का दबाव अफसरों पर आयेगा। इस कारण बाकी पैलेसों पर कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।