पति सहित गर्भवती को जिला चिकित्सालय से धक्के देकर निकाला

– परेशान परिजन ने प्राइवेट हॉस्पिटल में करवाया भर्ती
श्रीगंगानगर। जिला राजकीय चिकित्सालय में बुधवार को एक बार फिर अव्यवस्था देखी गई। प्रसव के लिए आई एक गर्भवती को उपचार की जगह पति सहित धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया। शिकायत करने के बावजूद किसी ने जब सुनवाई नहीं की तो परेशान परिजन गर्भवती को प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए।
अधिवक्ता राकेश मिड्ढा ने बताया कि चक कालूवाला निवासी संतोख सिंह अपनी पत्नी सुमन (24) को प्रसव के लिए बीती मंगलवार शाम जिला चिकित्सालय लेकर आया था। यहां आरंभिक जांच के बाद सुमन को एमसीएच यूनिट भेज दिया गया। आरोप है कि एमसीएच यूनिट पहुंचने पर उन्हें गेट बंद होने का हवाला देते हुए अंदर नहीं आने दिया। इस वजह से रात भर दोनों चिकित्सालय परिसर में रहे। सुबह जब सुमन को ब्लीडिंग हुई तो उसके पति संतोख ने स्टाफ से सम्पर्क किया, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। इस पर रोष व्यक्त करने पर सुरक्षाकर्मी और स्टाफ ने संतोख से दुव्र्यवहार किया। संतोख के अनुसार स्टाफ ने कहा कि जब एमरजेंसी होगी, तब गर्भवती को भर्ती कर लेंगे। आरोप है कि इसके बाद सुमन सहित संतोख को धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया। हालत बिगडऩे पर संतोख और उसकी मां सुमन को प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए। इस बारे चिकित्सालय प्रशासन ने बताया कि गर्भवती और परिजनों को डिलीवरी प्रोसेस फॉलो करनेे के लिए कहा था, लेकिन वे सुमन को भर्ती कर तुरंत डिलीवरी की मांग पर अड़े रहे। धक्के देकर निकालने जैसी घटना नहीं हुई है।