पोस्टमार्टम करवाने से इन्कार, मृतक के परिजनों का अस्पताल में धरना

घड़साना। मोबाइल चोरी के मामले में हिरासत में लेने के बावजूद युवक के फरार होकर आत्महत्या करने की घटना पुलिस की गलफांस बन गई है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेने के बाद रिकॉर्ड में कुछ भी दर्ज नहीं किय और यही पुलिस के लिए भारी सरदर्द साबित हो रहा है। उधर मृतक युवक राधेश्याम नायक की लाश सरकारी अस्पताल के मुर्दा घर में पड़ी है। परिजनों व समाज के लोगों ने पोस्टमार्टम करवाने से इंकार करते हुए अस्पताल में धरना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को घड़साना कस्बे में मिस्त्री की दुकान से मोबाइल फोन चोरी के संदेह में राधेश्याम नायक पुत्र पालाराम निवासी 1 एसटीवाई को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने थाना में राधेश्याम से पूछताछ की और मोबाइल बरामदगी के लिए उसे उसके घर ले आई। यहां मोबाइल लेकर आने का झांसा देकर राधेश्याम पुलिस हिरासत से निकल गया। पुलिस उसकी तलाश करती रही, इसी बीच अगले दिन मंगलवार को राधेश्याम नायक ने स्पे्र पी ली। उसे अस्पताल में लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने थाना के एक हवलदार, एक सिपाही व तीन अन्य पर राधेश्याम नायक को आत्महत्या के लिए दुष्पे्ररित करने के आरोप लगाये, लेकिन पुलिस ने पांच अज्ञात जनों के खिलाफ राधेश्याम का अपहरण करके उसकी हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। आज सुबह परिजनों ने दोनों पुलिस कर्मियों को निलम्बित करने व अन्य तीन जनों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर सरकारी अस्पताल में धरना शुरू कर दिया। ऐहतियात के तौर पर अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस के अधिकारी शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए परिजनों से समझाइश कर रहे हैं। गौरतलब है कि राधेश्याम नायक को मोबाइल चोरी के मामले में पकड़ कर लाने के बाद पुलिस के रिकॉर्ड में कुछ भी दर्ज नहीं किया गया।