प्याज परोसने से परहेज, मूली की बढ़ी पूछ

– होटल-ढाबों और घरों की रसोई से दूर हुआ प्याज
श्रीगंगानगर। हर घर की रसोई का जरूरी हिस्सा प्याज पिछले डेढ़ महीने से लगातार भाव चढऩे से दूर हो गया है। जहां आम लोग घरों में प्याज से परहेज कर रहे हैं, वहीं होटल-ढाबे वालो ने भी खाने के साथ प्याज परोसना बंद कर दिया है। प्याज के आसमान चढ़े भावों के कारण मूली की पूछ बढ़ गई है। घरों और होटल, ढाबों में मूली को तरजीह दी जा रही है। तीन महीने पहले प्याज के भाव बढऩे शुरू हुए, जो लगातार बढ़ते ही चले गए। इस समय प्याज साठ रुपए किलो के भाव बिक रहा है। करीब डेढ़ महीने से प्याज के भाव साठ रुपए पर ही स्थिर हैं। प्याज और टमाटर ऐसी दो सब्जियां हैं, जिनके बिना किसी भी घर का खान पान पूरा नहीं हो पाता। प्याज की कीमतें 60 रुपये किलो हो चुकी हैं। टमाटर का हाल भी ऐसा ही है। अब ये दोनों सब्जियां आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं। प्याज के रेट कम होने के बारे में तमाम उम्मीदें गलत साबित हुई हैं। पहले तो लोग प्याज के दाम कम होने की उम्मीद भी कर रहे थे लेकिन पिछले दिनों जब केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने भी प्याज की कीमतों को कंट्रोल कर पाने के मामले में अपने हाथ खड़े कर दिए तो लोगों ने यह उम्मीद करना भी छोड़ दिया है। पिछले हफ्ते जब रामविलास पासवान से प्याज की बढ़ती कीमतों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने कह दिया कि प्याज की कीमत कम करना मेरे हाथ में नहीं है। इससे प्याज के मामले में लोगों की परेशानी से सरकार की उदासीनता प्रकट हुई है और लोगों को लगता है कि सरकार ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है। लोग सलाद में तो फिर भी मूली से काम चला रहे हैं लेकिन दाल-सब्जियों के तड़के में प्याज और टमाटर के अभाव में उन्हें सब कुछ बेस्वाद महसूस हो रहा है।